दरअसल, उस दौरान चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक ही फॉर्म जमा किए जा सकते थे। लेकिन पूनम सिंह अपने प्रस्तावकों के साथ पर्चा दाखिल करने शुभ मुहूर्त के अनुसार तीन बजकर पांच मिनट पर पहुंचीं। तब तक रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अफसर दोनों ही कार्यालय से उठ चुके थे।
ऐसे में पूनम तत्कालीन जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल से मिलीं और नामांकन फार्म जमा करने की गुहार लगाने लगीं। लेकिन जिलाधिकारी ने यह कहते हुए लोकसभा प्रत्याशी का नामांकन फॉर्म जमा करने से इन्कार कर दिया कि आयोग के निर्देशानुसार 11 से तीन बजे तक ही जमा किए जा सकते हैं। अब समय पूरा हो चुका है।
वह आयोग के निर्देशों का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं। उसके अगले दिन यानी मंगलवार को अंबेडकर जयंती होने की वजह से फॉर्म जमा नहीं हो सकते थे। ऐसे में उनको बुधवार को नामांकन फॉर्म जमा कराने की सलाह दी गई। जिलाधिकारी की यह बात सुनकर पूनम सिंह और उनके प्रस्तावकों को बिना नामांकन किए मायूस लौटना पड़ा।