इलाहाबाद के लाउदर रोड पर सड़क किनारे एक पुराने मंदिर को गिराने के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। मंदिर गिराने का विरोध कर रहे लोगों पर जार्जटाउन थाने की पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद निगम ने मंदिर गिरवा दिया और उसमें रखी भगवान की प्रतिमा उठा ले गए।
इससे भड़के लोगों ने महिलाओं, बच्चों के साथ लाउदर रोड पर कृति स्केनिंग सेंटर के सामने चक्काजाम कर दिया। टायर जलाकर सड़क पर जगह-जगह रख दिए गए। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि कमिश्नर बादल चटर्जी ने खड़े होकर मंदिर तोड़वाया। चक्काजाम के करीब दो घंटे बाद पहुंचे सीओ ने लोगों को समझाकर शांत कराया।
नगर निगम से बातकर प्रतिमा वापस दिलाने और मंदिर के पुनर्निर्माण के आश्वासन पर चक्काजाम खत्म हुआ। नाराज लोगों ने आश्वासन के बावजूद प्रतिमा वापस न होने पर शाम को मंदिर के पास धरने पर बैठ गए। नगर निगम ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ जार्ज टाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
मंदिर के पुजारी की पुलिस ने की पिटाई
नगर निगम का दस्ता प्रभारी अधिकारी अतिक्रमण एसएल यादव, अतिक्रमण निरीक्षण पीयूष मोहिले के नेतृत्व में दिन में करीब पौने एक बजे लाउदर रोड पहुंचा। यहां कृति स्केनिंग सेंटर के बगल वाली सड़क पर सेंटर से करीब पचास मीटर की दूरी पर एक पुराना मंदिर है। स्थानीय लोगों ने हाल ही में मंदिर का नवनिर्माण करा के चबूतरा भी बनवाया था।
मौके पर पहुंचे दस्ते में शामिल जेसीबी ने मंदिर को गिराने का प्रयास किया तो मंदिर के पुजारी के साथ स्थानीय लोग विरोध करने लगे। दस्ते के साथ पहुंची जार्जटाउन थाने की पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा। विरोध करने पर मंदिर के पुजारी नन्हे रावत की पिटाई कर दी।
इसके बाद मंदिर को जमींदोज करके दस्ते ने उसमें रखी प्रतिमा कब्जे में ले ली। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूले
गुस्साए लोगों ने लाउदर रोड पर कृति स्केनिंग सेंटर के सामने चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर रस्सी, पेड़ की डाल आदि लगाकर रास्ता बंद करने के बाद कार, साइकिल के टायर सड़क पर जगह-जगह जलाए गए। इस दौरान कमिश्नर, नगर निगम और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
लोग मंदिर के दोबारा निर्माण और प्रतिमा वापस करने की मांग पर अड़ गए। चक्काजाम की सूचना मिलने पर निगम से लेकर पुलिस प्रशासन तक के हाथ-पांव फूल गए। चुनाव के मद्देनजर पुलिस फोर्स कम होने के कारण अफसरों की चिंता और बढ़ गई।
दो घंटे हंगामे के बाद दिन में करीब पौने तीन बजे सीओ द्वितीय समर बहादुर, जार्जटाउन की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और चक्काजाम कर रहे लोगों से बात की। उन्होंने निगम से वार्ता कर मंदिर निर्माण और प्रतिमा वापस करने का आश्वासन दिया तो करीब तीन बजे चक्काजाम खत्म हुआ।
सड़क पर लगा लंबा जाम, मरीज परेशान
चक्काजाम से लाउदर रोड पर दूर दूर तक गाड़ियों की लाइन लग गई। मेडिकल कॉलेज चौराहा से कृति स्केनिंग सेंटर और दरभंगा कॉलोनी चौराहा तक सड़क पर वाहनों की कतार लगी रही। इस रोड पर कई अस्पताल और लैब हैं, जहां बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। चक्काजाम से उन्हें खासी परेशानी हुई। हालत यह रही कि तकरीबन दो घंटे रास्ता रोककर सड़क पर हंगामा होता रहा लेकिन पुलिस कहीं नजर नहीं आई।
चक्काजाम के दौरान मेडिकल चौराहा की ओर से पुलिस की एक जिप्सी लाउदर रोड पर पहुंच गई। जिप्सी चालक ने सड़क पर भीड़ और टायर जलते देखा तो गाड़ी कुछ दूर पर रोक दी। इस बीच चक्काजाम कर रहे लोग ईंट-पत्थर लेकर जिप्सी पर टूट पड़े। गनीमत रही कि मौका देखकर चालक बैक गेयर में ही जिप्सी को लेकर भाग खड़ा हुआ।
लाउदर रोड पर मंदिर गिराने के बाद चक्काजाम हुआ तो इसकी सूचना विहिप और भाजपा नेताओं को भी मिल गई। साथियों के साथ कुछ नेता मौके पर पहुंचे और नगर निगम, कमिश्नर, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि चक्काजाम लंबा खिंचता देख यह नेता वहां से कुछ देर में खिसक लिए।