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दंगा: दिल दहलाने वाली है बर्बादी की तस्वीर

Fri, 20 Sep 2013 12:00 AM IST
राकेश शर्मा
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मुजफ्फरनगर हिंसा में हुई बर्बादी की तस्वीर दिल दहला देने वाली है। उन्मादियों ने गांव-गांव में जमकर उपद्रव किया है। किसी के कच्चे मकान जलाए, तो किसी का सामान।
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आगजनी में काफी वाहन भी जल गए। 298 स्थानों के सर्वे में एक करोड़ 44 लाख और 66 हजार रुपये की संपत्ति स्वाह होने का आकलन किया गया है। हालांकि नुकसान इससे ज्यादा का बताया जा रहा है।

दंगों में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। 50 के करीब लोगों की जिंदगी निगलने के साथ हजारों लोग बेघर हो गए। इस तबाही के मंजर ने गांवों को कई बरस पीछे धकेल दिया है।
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मृतकों और घायलों को आर्थिक सहायता देने के बाद प्रशासन द्वारा जिले में हुई आगजनी, तोड़फोड़ का सर्वे कराया है।

इंजीनियरों की टीम ने 21 गांवों में 298 चिह्नित स्थानों के नुकसान का सर्वे किया है।

भौराकलां के मुहम्मदपुर राय सिंह में सबसे ज्यादा 58 स्थानों पर उपद्रव हुआ है। दूसरे नंबर पर कुटबा में 53 और फुगाना में 43 जगहों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।

जौली नहर में 22 ट्रैक्टरों, मोटरसाइकिलों में आगजनी हुई है। काकड़ा में 22, पुरबालियान में 13, हड़ौली में 10, खरड़ में 4, मुंडभर में 9, नाला में 5 और अटाली में 7 स्थान उपद्रव की भेंट चढ़े हैं।

इनमें से अधिकांश कच्चे, मकानों, झोपड़ी और घरेलू सामान में आग लगाई गई है। एडीएम प्रशासन इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक नुकसान का यह सर्वे अब तक आई शिकायतों के आधार पर सरकारी इंजीनियरों द्वारा किया गया। नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।

मुआवजा 45 को और पुष्टि हुई 39 की
सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर पुलिस-प्रशासन सवालों के घेरे में है। मुजफ्फरनगर और शामली के दंगे में मारे गए 45 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है लेकिन प्रशासन अब तक 39 लोगों की मौत का ही राग अलाप रहा है।

सात सितंबर को हुए दंगे से लेकर 16 सितंबर तक मुजफ्फरनगर और शामली जिले से आए 55 शवों का पोस्टमार्टम किया गया। डीएम से लेकर एडीजी तक 39 लोगों की हिंसा में मौत होने की पुष्टि करते रहे जबकि आंकड़ा उससे ज्यादा का रहा है।

लापता 7 लोगों की गुमशुदगी
दंगों के दौरान अब तक सात लोगों के गुम होने की पुष्टि हुई है। शिविरों में रह रहे लोगों की तरफ से लापता लोगों की सूची प्रशासन को अब तक नहीं मिली है। न्याजूपुरा का आसिफ सात सितंबर से लापता है।
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वह जानसठ पेपर मिल से घर के लिए चला था। रतनपुरी के टोडा निवासी नफीस भी इसी रात से गायब है। काफी तलाश करने पर उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
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