देवरिया। सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रौनी गंगा चक गांव निवासी रविंद्र कुमार (38) मंगलवार की रात सड़क हादसे में घायल होने के बाद महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भर्ती कराया गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। घायल होने की जानकारी के बाद परिजन इमरजेंसी पहुंचे तो रविंद्र वहां नहीं मिला।
इसके बाद से परिजन परेशान हैं और उनकी तलाश कर रहे हैं। सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
परिजन के अनुसार, रविंद्र कुमार पुत्र स्व रामविलास मंगलवार की रात बुआ को सदर रेलवे स्टेशन छोड़ने बाइक से गया था। बुआ को स्टेशन पर छोड़कर लौटते समय खुखुंदू थाना क्षेत्र के मुसैला चौराहे के पास उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस से रविंद्र को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को कब्जे में लेकर खुखुंदू थाने चली गई।
परिजन का कहना है कि रविंद्र को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था मगर अस्पताल पहुंचने के बाद वह अचानक वहां से लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी कोई पता नहीं चल सका। परिजन ने मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि गंभीर रूप से घायल मरीज अस्पताल की निगरानी में था। इसके बावजूद वह वहां से कैसे बाहर चला गया, इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन के पास नहीं है। परिजन ने पूरे मामले की जांच कराने और अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है।
वहीं, हादसे के बाद पुलिस द्वारा घायल की बाइक थाने ले जाने और उसके बाद अस्पताल में भर्ती घायल युवक के लापता होने पर परिजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
परिजन रविंद्र की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल और पुलिस प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक का पता लगाने के साथ यह जांच करनी चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वह इमरजेंसी से बाहर कैसे निकल गया।
सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर शशि भूषण राय ने बताया कि इमरजेंसी से घायल के लापता होने की सूचना मिली थी।
बाद में पता चला कि वह स्वयं कहीं चला गया है। वह स्वयं गया है, इसलिए पुलिस के स्तर पर कोई कार्रवाई लंबित नहीं है।