देवरिया। जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं है। कहीं जमीन का विवाद इसके पीछे है तो कहीं पर जमीन की कमी के चलते चहारदीवारी नहीं बन पा रही है। ऐसे में विद्यालय परिसर में छुट्टा पशु धमाचौकड़ी करते हैं। कई जगह शाम ढलते ही अराजक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है।
गौरी बाजार संवाद के अनुसार, क्षेत्र के नौ विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं है। इसमें कंपोजिट विद्यालय बीरवां व प्राथमिक विद्यालय चरियांव बुजुर्ग में भूमि विवाद के चलते चहारदीवारी नहीं बन सकी है। इन विद्यालयों में इसके लिए धन उपलब्ध है। इसके अलावा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय आनंदनगर, मदैना, खैरटिया, केशोबारी, धूसी टोला, गौरी बुजुर्ग, उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमरहना में चहारदीवारी नहीं है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी विनयशील मिश्र ने बताया कि उनके स्तर से विकास विभाग को सूचना दी गई है। जमीन संबंधी विवाद राजस्व विभाग के संज्ञान में है।
बरियारपुर संवाद के अनुसार, रामपुर कारखाना विकास खंड के बरियारपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर दो चकदहा बलुअना में कांची नाला के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी करीब एक साले पहले बारिश के दौरान गिर गई थी। विद्यालय परिसर में ऊंची घास उग आई है।
बच्चों और शिक्षकों को हमेशा सांप-बिच्छू निकलने का डर बना रहता है। प्रधानाध्यापक नथुनी पासवान ने बताया कि विद्यालय तक आने-जाने वाला रास्ता भी ठीक नहीं है। इससे बच्चों और शिक्षकों को परेशानी होती है।
रामपुर कारखाना विकास खंड के प्रानपुर प्राथमिक विद्यालय में दो तरफ चहारदीवारी नहीं है। परिसर के चारों ओर झाड़ी उग आई है। विद्यालय भवन में दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं के संबंध में विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
सदर विकास खंड के महुई बाबू टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में चहारदीवारी नहीं बन सकी है। प्रधानाध्यापक अनिल कुमार यादव ने बताया कि निर्माण के लिए विभाग को अवगत कराया गया है।
मदनपुर संवाद के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय टंडवा में चहारदीवारी नहीं है।
विद्यालय परिसर खुला होने के कारण यहां छुट्टा पशुओं का जमावड़ा रहता है। स्कूल बंद होने के बाद परिसर में अराजक तत्व पहुंच जाते हैं। विद्यालय में चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रधानाध्यापक दीपक कुमार यादव ने बताया कि चहारदीवारी नहीं होने से विद्यालय को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बार विद्यालय का ताला तोड़कर सामान चोरी किया जा चुका है।