देवरिया में आग के तांडव का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। पछुआ हवा के झोंकों से 120 एकड़ गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। गांववालों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। इसके साथ ही 17 मकान भी आग की जद में आ गए।
कोतवाली इजरही गांव के गेहूं की फसल में आग लग गई। जो एक किलोमीटर सरेह में फैल गई। करीब 40 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। कुछ देर में आग परसिया अहिर तक पहुंच गई और 15 घरों को अपने चपेट में ले लिया। आग की तबाही देखकर लोग घर से सामान लेकर भागने लगे। गैस सिलिड़र से लेकर अन्य सामानों को तालाब में फेंक दिया। पछुआ हवाओं के थपेड़ों ने घी का काम किया। फायर सर्विस गाड़ी के पहुंचने के पहले ही आग पर काबू पा लिया गया था।
दोपहर दो बजे के करीब इजरही गांव के दक्षिण सिवान में आग लग गई। रमेश तिवारी, विष्णु, विशाल, अवधेश, राजेन्द्र, वीरेन्द्र, गोपाल, लालबहादुर, रामनिवास, अरूण सहित कई किसानों की फसल जलकर रख हो गई। पछुआ हवा के कारण 40 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। आग परसिया अहिर तक पहुंच गई। आग से लालमति, व्यास, कमलेश, सुभाष, रघुवीर, रामवृक्ष, छोटेलाल, मिश्री, रामसेवक, सरिता, पलकधारी सहित पंद्रह लोगों का छप्पर जल गया। रखा में रखा नगदी, अनाज, कपड़े, बर्तन, चारपाई सहित रोजना इस्तेमाल होने वाले सामान राख हो गए।
ग्राम प्रधान ने करीब आग से घरों में करीब दस लाख रुपये के नुकसान की बात कहीं है। कोटेदार ने आग से प्रभावित लोगों को राशन देने की बात कहीं है। आग लगने की वजह गांव के लोग तलाश रहे है। बताया जाता कि किसी शरारती तत्व ने फसल में आग लगा दिया था। आग से कई लोग बेघर हो गए। सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंच गए।
बैैतालपुर प्रतिनिधि के अनुसार, गौरीबाजार के सिरजम और जमुना गांव में 50 एकड़ से अधिक फसल जलकर राख हो गई। आग से 27 किसानों का फसल जल गया। फायर सर्विस ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। सिरजम गांव के पूर्व छोर चकरोड के पास सुबह नौ बजे के करीब संदिग्ध हाल में आग लग गई। पास की फसल आग की चपेट में आ गई। आग से राहुल पांडेय, रामकरनमणि, दीनानाथ मणि, भोलामणि, राजन मणि, ध्रुवतिवारी तुफानी पटेल, सुरेन्द्र यादव, रामश्रय यादव, तिलक पटेल, वृक्षशर्मा, प्रमोद मणि, राकेश तिवारी सहित कई किसानों का फसल जल गया।