बरहज। अनंत आश्रम स्थित गुफा में शनिवार को योगिराज अनंत महाप्रभु की 250वीं जयंती पर श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला। चित्रपट की विधिवत पूजा-अर्चना की गई । इसके बाद एसके इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कथावाचकों ने भक्तों को रामकथा और मानस प्रसंगों का रसपान कराया।
अनंत आश्रम के पीठाधीश्वर आंजनेय दास के नेतृत्व में पंडित परशुराम पांडेय ने मंगलाचरण किया। आजमगढ़ के उमेश, बलिया के आचार्य अरविंद तिवारी और सुरेश मिश्र ने कथा सुनाई।
श्यामनारायण शाही, बक्सर के अनिल शास्त्री, मऊ के पंडित हरिहोम शांडिल्य, विद्याभूषण, आंबेडकरनगर के रामशरण दास, महाराष्ट्र की कात्यायिनी और बड़हलगंज की विजय लक्ष्मी शुक्ल ने मानस की चौपाइयों और प्रसंगों की व्याख्या की।
कार्यक्रम में वेद पाठक, कृष्णमुरारी तिवारी, प्रणव कुमार मिश्र, व्यास मुनि मिश्र, प्रधानाचार्य अशोक कुमार शुक्ला, प्रेम शंकर पाठक, चंदन कुमार तिवारी, पीयूष कुमार मिश्रा, राकेश तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बेचू साहू के बगीचे में रमाई थी धूनी : योगिराज अनंत महाप्रभु का जन्म 1777 में लखनऊ के सहादतगंज में शिवनंदन वाजपेयी के घर हुआ था। कम उम्र में ही उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर वैराग्य धारण कर लिया। ा