देवरिया। जिले के गर्म कपड़ों के व्यापारी व बाहर से आकर दुकान लगाने वालों को इस बार मौसम का साथ नहीं मिल रहा है। दिसंबर माह में मार्च जैसी गर्मी का अहसास होने से लोग ऊनी कपड़ों की की खरीदारी में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे इस सीजन में कारोबार को उम्मीद के अनुसार उछाल नहीं मिल पा रहा है। दुकानदार उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति सुधरेगी।
दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में भी ठंड का असर कम रहने से मौसम विज्ञानी के साथ आम लोग भी हैरत में हैं। लोगों का कहना है कि जिस महीने में कड़ाके की ठंड पड़नी चाहिए, वहां दिन में मार्च महीने जैसा अहसास हो रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों में स्थित रेडीमेड दुकानों के अलावा रामलीला मैदान में तिब्बती मार्केट व महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज परिसर में लगे खादी ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी में इस बार भीड़़ कम दिख रही है। मौसम का मिजाज लोगों की सेहत भी बिगाड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर है।
20 प्रतिशत भी नहीं बिका माल
रेडीमेड एंड होजरी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष केशव गुप्ता ने बताया कि जिले में रेडीमेड कपड़ों की 500 से अधिक दुकानें हैं। व्यापारियों ने बाहर से गर्म पकड़े मंगाए हैं। लेकिन ठंड कम पड़ने से जितना माल मंगाया था, उसका 20 प्रतिशत भी नहीं बिका है। इससे व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित है। इससे व्यापारियों के खरीदने की क्षमता प्रभावित होगी। पिछला भुगतान नहीं होगा, तो अगला माल कैसे मंगाएंगे। 70 प्रतिशत दुकानदार सेल लगाकर मॉल बेचने की तैयारी में जुट गए हैं। बताया कि जिले में हर सीजन में गर्म कपड़ों का कारोबार लगभग 50 करोड़ का होता है।
शाल, सदरी, लेडीज ऊनी शूट आदि की बेहतर क्वालिटी उपलब्ध है। लेकिन दिसंबर मेें पड़ रही गर्मी के चलते प्रदर्शनी में खरीदार अन्य वर्षों की अपेक्षा कम आए, इससे व्यवसाय उम्मीद के मुताबिक नहीं है। -आफताब, खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में कश्मीर से आए दुकानदार
धंधा इस बार पूरी तरह मंदा है। गर्म कपड़ों के कारोबारियों के लिए अब तक यह सीजन घाटा देने वाला साबित हुआ है। अभी पांच जनवरी तक प्रदर्शनी चलेगी, देखते हैं आगे मौसम कहां तक साथ देता है। -शाहनवाज, खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में दिल्ली के दुकानदार