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Deoria News: रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य तेज, लार बाईपास से भी जुड़ेगी सड़क

Thu, 23 Jan 2025 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया/बरहज। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का काम तेज हो गया है। प्रशासन द्वारा अधिग्रहीत जमीनों के भू-स्वामियों के खाते में मुआवजे की धनराशि भेजी जा रही है। दूसरी ओर नोटिस चस्पा होने के बाद लोग भवन खाली कर रहे हैं। विभाग सड़क के किनारे काटे गए पेड़ों की जड़ें निकलवा रहा है। लगभग छह किमी तक दोनों पटरियों के पेड़ाें की जड़ें निकालकर समतल कर दिया गया है। रामजानकी मार्ग लार बाईपास और बड़हलगंज बाईपास से भी जुड़ेगा। इससे बिहार और मऊ जाना आसान होगा। जहां यह कनेक्ट होगा वहां चौराहे का निर्माण हाेने के साथ बाजार भी विकसित होगा। बेरोजगार युवाओं को इससे रोजगार मिलेंगे। सड़क के काम को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु से कुंडौली और मेहरौना बार्डर तक एनएच 227ए के चौड़ीकरण के लिए काम तेज गति से हो रहा है। कार्यदायी संस्था सड़क के दायरे में आने वाले भवनों पर नोटिस चस्पा कराने के साथ रामजानकी मार्ग के किनारे कटे पेड़ों की जड़ें जेसीबी लगाकर निकलवा रही है। कपरवार से बरहज स्थित मुक्तिपथ मोड़ तक सड़क की दोनों पटरियों पर जड़ों को खोदकर निकलवाया जा चुका है। जबकि मुआवजा मिलने के बाद से भू-स्वामी अपनी मकान का अतिक्रमण खाली करने में जुट गए हैं। नौका टोला निवासी जयप्रकाश लाल श्रीवास्तव, मठियां में छोटक सिंह आदि सड़क के जद में आने वाली जमीन से अपने मकान खाली कर रहे हैं। हालांकि अभी अधिकांश भवन स्वामी किसी अन्य आदेश के इंतजार में हैं। रामजानकी मार्ग कपरवार से कुंडौली तक 10 मीटर और मेहरौना बार्डर तक 19 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।
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मार्ग से सटे हैं कई धार्मिक स्थल
रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण के लिए कार्य शुरू करा दिया गया है। विभाग जेसीबी से सड़क के पटरियों की साफ-सफाई कराते हुए कटे पेड़ों की जड़ों को निकलवा रहा है। हालांकि रामजानकी मार्ग से सटे आधा दर्जन से अधिक पुराने धार्मिक स्थल हैं, जो सड़क की हद में आ रहे हैं।
जहां लोग अपने भवनों को खाली कर रहे हैं। वहीं धार्मिक स्थलों को लेकर लोग पशोपेश में हैं। कपरवार चौराहे पर काली मंदिर, नौकाटोला में शिवमंदिर, बेलडॉड़ में दुर्गा मंदिर, जबकि पैना में कालीजी, शंकरजी और रामजानकी मंदिर प्रभावित हो सकते हैं। विभाग की ओर से मंदिरों के स्थापित कराने को लेकर कोई निर्णय नहीं आ सका है।
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