बरहज। सरयू और राप्ती नदी खतरे के निशान को छूने को बेताब हैं। 12 घंटे में सरयू और राप्ती के जलस्तर में पांच-पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई है।
20 दिन से सरयू के जलस्तर में लगातार बढ़त हो रहा है। दो दिन पहले जलस्तर स्थिर होने के बाद नदी दोबारा बढ़त बनाने लगी है। सरयू खतरे के निशान 66.50 से .70 मीटर नीचे 65.80 मीटर पर बह रही है। राप्ती नदी का पानी तेजी से दशरसरिया और भरटोला की ओर रूख कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ आने पर पहले मुसीबत का सामना करना पड़ता है।
वहीं भदिला प्रथम गांव का एक रास्ता बंद हो गया है। गांव में जाने वाले दूसरे रास्ते को भी राप्ती अपने आगोश में लेने के लिए मचल रही है। भदिला गांव के विनय यादव, उदयभान आदि का कहना है कि नदी का पानी बढ़ रहा है। कटइलवा-कपरवार संगम, उग्रसेन सेतु से विनोवापुरी, महेन-मोहरा तटबंध पर भी नदी दबाव बना रही है। संवाद