रुद्रपुर/एकौना। नेपाल और पूर्वी यूपी में एक सप्ताह से बारिश का असर गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर पर दिखने लगा है। बीते 24 घंटे में गोर्रा नदी के जलस्तर में एक मीटर और राप्ती नदी में 75 सेमी बढ़ोतरी हुई। तेजी से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से बंधों के संवेदनशील स्थानों पर हो रहे कटान पर दबाव बढ़ने लगा है। जिसको देख तटवर्ती गांव के लोगों में बंधा कटने का भय बढ़ता जा रहा।
बुधवार को गोर्रा नदी 68.30 मीटर और राप्ती 68.10 मीटर पर बह रही थी। मंगलवार की दोपहर पिड़रा पुल के गेज के अनुसार गोर्रा नदी का जलस्तर 67.20 मीटर था। गोर्रा और राप्ती नदी का लाल निशान 70.50 मीटर है। नदी पुल के एप्रोच के दोनों तरफ बैकरोलिंग कर कटान कर रही है। गोर्रा नदी का दबाव बंधे और नदी के बीच बसे नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव की मकानों पर बना है। नदी सीधे मकानों पर ठोकर मार रही है। यहां जलस्तर घटने पर कटान होने की संभावना प्रबल है। तिघरा मराछी बांध पर राप्ती नदी माझा नरायन, नीबा मठिया, भेड़ी गांव के समीप बंधे से सट कर बह रही है। दो साल से राप्ती नदी कटान करते हुए बंधे के समीप पहुंच गई है। नदी के जलस्तर के वेग को देख कछार और दोआबा के 116 गांव पर बाढ़ का संकट मडराने लगा है।