संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर मृतक आश्रित कोटे से हुई नियुक्ति की शिकायत पर मुख्य अभियंता ने जांच का आदेश दिया है, मगर दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है।
आरोप है कि वास्तविक आश्रित महिला को नौकरी न देकर के उसकी जगह पर फर्जी तरीके से दूसरे को नौकरी दे दी गई । शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को भेजे गए पत्र में बताया है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह सपरिवार आत्मदाह करेगी। उसने कहा है कि घर की माली हालत ठीक न होने से वह दूसरे के घर चौका-बर्तन कर रही है।
शहर के न्यू कॉलोनी मोहल्ला निवासी रंजू यादव ने मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कुछ माह पहले शिकायत की थी । उन्होंने पत्र में बताया है कि उनके ससुर राम आशीष यादव लोक निर्माण खंड देवरिया में बेलदार के पद पर कार्य थे। उनका सेवा काल में 2022 में निधन हो गया। इसके बाद पति ने मृतक आश्रित कोटे से अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए प्रार्थनापत्र विभाग को दिया गया।
इसी बीच विभाग में गहरी पैठ रखने वाली एक महिला ने विभाग के कुछ अधिकारियों और लिपिक की मिलीभगत से प्रार्थना पत्र मंगवाकर फर्जी तरीके से एक नियुक्ति कर दी। इसकी जानकारी होने पर मैं सदमे में आ गई। आरोप लगाया कि एक लिपिक ने उनके पति का फर्जी हस्ताक्षर कर अनापत्ति प्रमाणपत्र भी बनवाकर विभाग में संलग्न कर दिया। मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता से की तो उन्होंने लिपिक को डांट-फटकार लगाई और मेरे प्रार्थनापत्र पर विचार करने को कहा।
ससुर के मौत के बाद मेरी माली हालत खराब हो गई। परिवार के भरण-पोषण के लिए लोगों का चौका बर्तन कर कर रही हूं। इस मामले की शिकायत शासन स्तर पर पहुंचने पर मुख्य अभियंता राकेश वर्मा ने सात मार्च को अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग को जांच कर आख्या देने के साथ ही फर्जी तरीके से नियुक्ति और प्रमाणपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए। महिला ने एक बार फिर से अधीक्षण अभियंता को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग है।