देवरिया। मौसम में बदलाव के साथ जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा है। इस बीच लोग डॉक्टर से परामर्श किए बिना मेडिकल स्टोरों से सीधे एंटीबायोटिक दवाएं खरीदकर खा रहे हैं। बीमारी के पहले ही दिन से हाई-डोज एंटीबायोटिक का यह अंधाधुंध सेवन मरीजों के शरीर को अंदर से कमजोर कर रहा है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को घटा रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज डॉक्टरों के अनुसार, वायरल फीवर किसी भी प्रकार के वायरस के कारण होता है, जबकि एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्टीरियल इंफेक्शन को खत्म करने के लिए होती हैं। वायरल बुखार के शुरुआती दिनों में एंटीबायोटिक लेने का कोई फायदा नहीं होता। उल्टा, ये दवाएं पेट और शरीर में मौजूद मित्र बैक्टीरिया को नष्ट कर देती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बिना जरूरत एंटीबायोटिक खाने से शरीर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस पैदा हो जाता है। इसका अर्थ यह है कि भविष्य में जब मरीज को किसी गंभीर बैक्टीरियल बीमारी के इलाज के लिए एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत होगी, तब ये दवाएं शरीर पर असर करना बंद कर चुकी होंगी।
- किसी प्रकार की बीमारी में बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवाई नहीं लें। अपने मन से मेडिकल स्टोर से दवाएं न खरीदें। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस, नारियल पानी और गुनगुना पानी पिएं। जब भी दवा की जरुरत हो अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या पंजीकृत मेडिकल प्रेक्टिशनर से ही दवाई खरीदें।
- डॉ. एचके मिश्र, बाल रोग विशेषज्ञ व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज, देवरिया।