देवरिया। पुलिस लाइंस स्थित प्रेक्षागृह में शुक्रवार को विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर में लाई जाने वाली पीड़िताओं के प्रकरण में पांच दिन के भीतर ही कार्रवाई की बात कही गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी लीगल डिफेंस प्रतिनिधि ओम प्रकाश तिवारी ने की, जबकि संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने किया। बैठक में वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक नीतू भारती ने बताया कि पांच बालिकाओं को अस्थायी रूप से केंद्र में रखा गया है और विवेचकों से अपेक्षा है कि पांच दिन से अधिक निरुद्ध पीड़िताओं के मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अध्यक्ष ने सभी बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को जेजे एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता लेने के लिए जागरूक किया। संरक्षण अधिकारी ने बताया कि जनपद में मानव तस्करी, विशेषकर बाल तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय रिव्यू कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी समीक्षा बैठक 22 अप्रैल को सीडीओ की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बाल कल्याण समिति के सदस्य विवेकानंद मिश्र ने समिति के कार्यों और पुलिस विभाग के साथ समन्वय की जानकारी दी।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कुमार ने श्रम विभाग की योजनाओं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने आयु एवं मेडिकल परीक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। राजकीय बाल गृह के प्रभारी अधीक्षक रामकृपाल ने बताया कि बाल गृह में रहने वाले सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर ही रखा जाता है।
एएचटीयू के प्रभारी सुरेश कुमार वर्मा ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए जेजे एक्ट के तहत संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। वहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की प्रतिनिधि अनुराधा राज ने बच्चों के लिए उपलब्ध सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के अरविंद यादव सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और सभी थानों के नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।