-करीब साढ़े छह घंटे बाद थमा विवाद, दबंगों द्वारा धक्का-मुक्की करने से तबीयत बिगड़ने का बेटे ने लगाया आरोप
-मृतक के बेटे की तहरीर पर पांच नामजद व सात-आठ अज्ञात पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज
बरहज (देवरिया)। सड़क निर्माण को लेकर चल रहे विवाद में रविवार को लक्ष्मीपुर गांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह (68) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित ग्रामीण और वकील शव लेकर तहसील पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर लोगाें को समझाने पहुंचे एसडीएम रुद्रपुर को नाराज प्रदर्शनकारियों ने बंधक बना लिया। बाद में उच्चाधिकारियों के आने के आश्वासन के बाद उन्हें छोड़ा। करीब साढ़े छह घंटे चले हंगामे के बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद और सात-आठ अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजनों ने शव को पुलिस के हवाले किया।
घटना उस समय हुई जब चकनाली पर सड़क निर्माण को लेकर मौके पर पहुंचे अधिकारियों की मौजूदगी में विवाद भड़क उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारियों के लौटते ही दबंगों ने अधिवक्ता के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उनकी हालत बिगड़ी और मौके पर ही मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही गांव में तनाव फैल गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे परिजन और ग्रामीण शव लेकर तहसील पहुंच गए और परिसर में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों के लोग भी जुट गए। प्रदर्शन के दौरान हालात तब और बिगड़ गए जब समझाने पहुंचे एसडीएम रुद्रपुर को नाराज लोगों ने घेरकर शव के पास बैठा लिया और बंधक बना लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। देर शाम तक तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और अफसर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने में जुटे रहे।
दबंगई का आरोप, धक्का-मुक्की में गई जान
मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह ने आरोप लगाया कि चकनाली पर सड़क निर्माण को लेकर उनके पिता लगातार विरोध कर रहे थे। दस दिन पहले प्रशासन ने निर्माण रोक दिया था, इसके बावजूद कुछ लोग जबरन काम कराने पर आमादा थे। रविवार को एसडीएम की मौजूदगी में भी विवाद का समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि अधिकारियों के जाते ही आरोपियों ने अधिवक्ता को धक्का दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
‘बेइज्जती और सदमे’ से मौत की चर्चा
ग्रामीणों का कहना है कि अधिवक्ता को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिससे वह सदमे में आ गए और गिर पड़े। हालांकि, परिजन इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद लक्ष्मीपुर गांव में सन्नाटा पसरा है। मृतक की पत्नी सत्यावती सिंह बार-बार बेहोश हो रही हैं, जबकि पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल है।
देर रात दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा
घटना के बाद घंटों तक पुलिस हालात पर काबू नहीं पा सकी। आक्रोशित लोग डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने देर रात पांच ज्ञात और सात-आठ अज्ञात के विरूद्ध केस दर्ज किया है। थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह की तहरीर पर प्रधान राजेश यादव, तारकेश्वर यादव पुत्रगण हंसनाथ, कुलवंत, सुखवंत पुत्रगण राजेश यादव, दुबौली निवासी गामा यादव पुत्र स्व.विश्वनाथ यादव सहित सात-आठ अज्ञात के खिलाफ हत्या आदि का केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बार एसोसिएशन में उबाल, मुआवजे और कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता की मौत से बार एसोसिएशन में जबरदस्त आक्रोश है। वकीलों ने बैठक कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, परिवार को पांच करोड़ मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की मांग उठाई।
विधायक ने परिजनों को दिलाया न्याय का भरोसा
अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत की जानकारी होने पर क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र शाका भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को ढ़ांढस बंधाया। विधायक ने परिजनों से न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। वह देर शाम तक मौके पर जमे हुए थे। वहीं, घटना की जानकारी होने पर परिसर में पूर्व पालिकाध्यक्ष उमाशंकर सिंह विशेन व अन्य मौजूद रहे।