जाम से मिलेगी निजात, रेफर मरीज समय से पहुंचेंगे अस्पताल
दोनों रेलवे क्राॅसिंग पर बन रही वैकल्पिक सड़क
भटनी। नूरीगंज बाजार और सिसवा रेलवे क्राॅसिंग पर बरसात बाद अंडरपास का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इससे न सिर्फ जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि घंटों गेट खुलने का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। वहीं सीएचसी से रेफर मरीज समय से देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंच जाएंगे। दोनों क्राॅसिंग पर लोगों के आवागमन के लिए अंडरपास निर्माण के दौरान वैकल्पिक सड़क का निर्माण कराया जाएगा। विभाग ने नई सड़क का निर्माण भी शुरू करा दिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन भटनी जंक्शन से रोज सौ से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टिकोण से रेलवे स्टेशन के आसपास सिवान रेलखंड पर चार व वाराणसी रूट पर चार रेलवे क्राॅसिंग बनाया गया है। नगर और उसके आसपास आठ रेलवे क्राॅसिंग होने से लोग घंटोंं गेट खुलने की प्रतीक्षा करते है। स्थानीय सांसद व विधायक के प्रयास से देवरिया व सलेमपुर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बाईपास रोड 115 नंबर रेलवे क्रॉसिंग पर पहले ही ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
इसके अलावा महुआबारी, साहोपार तिराहा व सोनरापार में अंडरपास बनकर तैयार है। उसी क्रम में नूरीगंज बाजार और सिसवा क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसकी जानकारी से क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल है। निर्माण कार्य को लेकर रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक सड़कों के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया है, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो। अधिकारियों का कहना है कि दोनों अंडरपास पूर्ण रूप से आधुनिक तकनीक से बनाए जाएंगे, ताकि जलभराव जैसी समस्याओं से भी बचा जा सके।
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है। वहीं दुकानदारों और आम राहगीरों ने भी राहत की सांस ली है। रेलवे और जिला प्रशासन की संयुक्त योजना से नगर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
...कोट
नूरीगंज बाजार व सिसवा रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास बनाने का कार्य बरसात बाद शुरू करा दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो इसके लिए वैकल्पिक सड़क का निर्माण भी शुरू करा दिया गया है। दोनों जगहों पर अंडरपास बनने से नगर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
परवेज अख्तर सिद्दीकी, आईओडब्ल्यू भटनी