देवरिया। गंभीर मामलों की विवेचना में लापरवाही बरतना कोतवाली के दो उप निरीक्षकों को महंगा पड़ गया। एसपी विक्रांत वीर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों विवेचकों को निलंबित कर दिया है। साथ ही दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच करने का आदेश एसपी ने दिया है। सोमवार की देर रात कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सदर कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर चंद्रभान भारती और विवेक कुमार यादव के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। मालूम हो कि शहर के एक मोहल्ले में किराए का कमरा लेकर रहने वाले एक युवती को अगवा कर मौलवी की मदद से निकाह कर घर में कैद करने वाले एक आरोपी के विरुद्ध कई बार गुहार लगाने के बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है।
युवती ने एक माह पहले मुकदमा दर्ज कराया था। इसी बीच पीड़िता को आरोपी के विदेश जाने की खबर मिली तो वह उसकी गिरफ्तारी के लिए कोतवाली का चक्कर काटने लगी थी। कोतवाली पुलिस ने हर बार उसे आरोपी की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करने का आश्वासन देती रही। इधर पुलिस की शिथिलता का फायदा उठाकर आरोपी बीते बृहस्पतिवार को सऊदी अरब भाग निकला था। सबसे खास यह रही कि आरोपी के भागने की सूचना मिलने पर पीड़िता बृहस्पतिवार को दिनभर कोतवाली में जमी रही और भागने की सूचना आईओ चंद्रभान भारती को दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगले दिन पीड़िता ने एएसपी को आवेदन देते हुए पुलिस पर आरोपी को भगाने का आरोप लगाया था। सोमवार की देर रात में एसपी ने लापरवाही बरतने वाले विवेचक चंद्रभान भारती को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया। अब इस मामले की जांच अब सदर कोतवाल दिलीप सिंह को सौंपी गई है। वहीं, सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार यादव को एक किशोरी के अपहरण के मामले में जांच में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।