देवरिया। जमीन विवाद में दंपती से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के 17 साल पुराने मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष के दोनों गवाहों ने घटना देखने से इन्कार कर दिया। आरोप साबित नहीं होने पर अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों को बरी कर दिया।
एसीजेएम प्रफुल्ल उपाध्याय की अदालत में तरकुलवा थाना क्षेत्र के पथरदेवा निवासी चौथी और दीपक के खिलाफ सुनवाई चल रही थी। वादी बुद्धू धोबी का आरोप था कि 18 अप्रैल 2009 की सुबह जमीन विवाद में चौथी, दुखंती, दीपक, राजेश और भकोल ने घर में घुसकर उनकी और पत्नी फागुनी की पिटाई की थी। नाद तोड़ने के साथ जान से मारने की धमकी दी थी।
न्यायालय के आदेश पर 27 जून 2009 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान दुखंती की मौत हो गई। गवाह सुरेश प्रसाद और महातम प्रसाद ने घटना देखने से इन्कार कर दिया। अदालत ने 23 अक्तूबर को चौथी और दीपक को दोषमुक्त कर दिया। संवाद