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Deoria News: सहालग में मिलावटी पनीर खपाने की तैयारी में धंधेबाज

Fri, 18 Apr 2025 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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सहालग के सीजन होने के चलते जिले में दूध उत्पादन से दोगुना है पनीर की खपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सहालग का सीजन शुरू हो गया है। धंधेबाज मिलावटी पनीर खपाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। सहालग में पनीर की खपत बढ़ गई है। जबकि दूध के उत्पादन पहले जैसा है। ऐसे में चार गुना मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावट का धंधा जोर पकड़ने लगा है। लोगों को पनीर और खोआ खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग समय-समय पर दूध और पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजता है। मार्च माह में संदेह होने पर पनीर के तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, मगर जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
ग्रामीण क्षेत्र के गांवों से शुद्ध खोआ लाकर शहर में धंधेबाज मिलावट कर मोटी रकम कमाते हैं। सहालग के दौरान दूध की मांग बढ़ने पर धंधेबाज पानी तो मिलाते ही हैं, अब पाउडर से बना दूध भी बेचने लगे हैं। पशुपालन विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में दूध उत्पादन से ज्यादा खपत है। ऐसे में शुद्धता की गारंटी संभव नहीं है। यही हाल पनीर और दूध से बने खाद्य पदार्थों की भी है।
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जानकारी के मुताबिक, सामान्य दिनों में जिले में 30 से 40 क्विंटल पनीर की खपत थी। सहालग और त्योहारों में 500 क्विंटल पहुंच गई है। लोकल दुकानदार 220-230 रुपये किलो पनीर बेच रहे हैं। इसमें मिलावट की आशंका है। जबकि शुद्ध पनीर 380- 00 रुपये किलो बिक रहा है। जिले में दूध का उत्पादन प्रतिदिन 20 हजार लीटर के करीब है। जबकि इससे इतर पनीर की खपत जिले में दोगुना अधिक गई है। लगन से पहले पांच से सात क्विंटल खोआ की खपत थी। लगन में बुकिंग के कारण 10 से 12 क्विंटल की खपत हो गई है। इसे पूरा करने के लिए कानपुर मंडी से खोआ मंगाया जा रहा है
इसके अलावा गोरखपुर और पिपराइच से खाेआ मंगाया जाता है। एक फुटकर कारोबारी ने बताया कि पाउडर और रिफाइंड ऑयल से बना खोआ 195 से 210 रुपये प्रति किलो मिल जाता है। इसे 260 से 315 रुपये प्रति किलो के भाव में बेच दिया जाता है।
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नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम वर्मा ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर किया जा सकता है। यदि पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगे तो समझ लीजिए नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। उबालने के बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ दे। यदि पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
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दूध, खोआ आदि खाते समय बरतें सावधानी ब
सीएचसी सलेमपुर के अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि बाजार में बिकने वाली कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट हो रही है। इसे सेवन से कई प्रकार की बीमारी का खतरा रहता है। सबसे ज्यादा पेट की समस्या होती है। मरीज अक्सर पेट की समस्या लेकर अस्पताल आ रहे हैं, इसलिए दूध, खोआ आदि खाते समय सावधानी बरतें।
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नमूना फेल होने पर छह लोगों पर लगाया 71 हजार का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग के सहायक आयुक्त विनय सहाय के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में पनीर के 29 नमूने लिए गए थे। लैब में जांच के बाद 27 नमूने फेल पाए गए। अधिकतर फेल नमूनों में फैट और मिलरल की कमी पाई गई। 27 नमूनों में क्रीम निकाल कर पनीर बनाया गया था, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसके बाद विभाग ने 23 लोगों पर केस दर्ज कराया। साथ ही छह लोगाें पर 71 हजार का विभाग ने जुर्माना लगाया है।
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वर्जन
पिछले सहालग में जांच के लिए नमूने लिए थे। पनीर में मिलावट पाई गई थी। लोग जांच-परखकर ही पनीर की खरीदारी करें।
-विनय सहाय, सहायक आयुक्त खाद्य
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