देवरिया। शहर के मालवीय रोड पर एक संपत्ति पर कब्जा लेने पहुंचे उत्तर प्रदेश राज्य वित्त निगम के अधिकारियों के विरोध में एक व्यापारी ने आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद व्यापारी ने डीएम से कब्जा रोकवाने की अपील की। हालांकि प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए ऐसा करने से इन्कार कर दिया। मौके पर नायब तहसीलदार और पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहे।
शहर के मालवीय रोड पर एक संपत्ति है। इसके मालिक प्रताप नारायण जायसवाल ने उत्तर प्रदेश राज्य वित्त निगम (यूपीएफसी) से कई साल पहले ऋण लिया था। इसके कुछ समय बाद उन्होंने यह प्रॉपर्टी बंगाली प्रसाद वर्मा को बेच दी। इधर, लोन की धनराशि जमा नहीं करने पर यूपीएफसी ने इसको टेकओवर कर नीलाम करने का प्रयास किया। इसके खिलाफ बंगाली प्रसाद वर्मा कोर्ट चले गए। इधर, यूपीएफसी सुप्रीम कोर्ट से मुकदमा जीत गया। इसके बाद कई बार कब्जा लेने के लिए यूपीएफसी के अधिकारी आए, लेकिन सफल नहीं हो सके। बृहस्पतिवार को अधिकारी एक बार फिर पहुंचे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नायब तहसीलदार शिवेंद्र को भेजा। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही। कब्जा करने की जानकारी होने पर मौके पर बंगाली प्रसाद वर्मा ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। शाम को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में संपत्ति पर उप्र राज्य वित्त निगम के अधिकारियों ने अपना ताला लगा दिया। नायब तहसीलदार शिवेंद्र ने बताया कि हमें लॉ एंड आर्डर मेंटेन करने का आदेश मिला है। कब्जा कराने नहीं आए हैं। यूपीएफसी के अधिकारी अपना काम कर रहे हैं।
बिना कब्जा लिए नीलामी का आरोप
प्रॉपर्टी के मूल मालिक प्रताप नारायण जायसवाल ने कहा कि यूपीएफसी ने प्रॉपर्टी पर कब्जा लिए बिना संपत्ति को नीलाम कर दिया। इसके विरुद्ध कोर्ट जाऊंगा। नीलामी से पहले यूपीएफसी को संपत्ति पर कब्जा लेना चाहिए था।