रुद्रपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को नगवा खास गांव में दस मिनट रहेंगे। सीएम का कार्यक्रम तय होने के 24 घंटे के भीतर पूरे गांव का कायाकल्प हो रहा है। जिस टोले, मजरे पर बिजली का बल्ब जलते देखने को लोग तरस रहे थे, वहां तार पोल लगाकर रातोंरात उजाला किया जा रहा है। सीएम नगवा गांव के डॉ. प्रदीप राव की माताजी के निधन पर शोक संवेदना जताने आ रहे हैं।
सीएम का हेलिकॉप्टर दोपहर 1:20 बजे गांव में बने हेलीपैड पर उतरेगा। वह करीब 10 मिनट शोकाकुल परिवार के बीच रहेंगे। डेढ़ बजे गोरखपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। गुरुवार को राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद के साथ डीएम अमित किशोर और एसपी एन कोलांचि ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल पर जालीदार बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। सीएम के नगवा गांव में आने से सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ देना सुनिश्चित किया जा रहा है। गांव में पात्रों को रुकी विधवा, दिव्यांग पेंशन आदि का भुगतान पूछ कर किया जा रहा है। आपूर्ति विभाग ने गांव के सभी पात्रों में राशन कार्ड वितरित करा दिया। गांव के प्राथमिक और जूनियर स्कूलों की रातोंरात रंगाई और मरम्मत कार्य पूरा कर दिया गया। क्षतिग्रस्त सड़क और नाली का युद्धस्तर पर मरम्मत कर दुरुस्त किया जा रहा है। बुधवार को पूरी रात गांव में जेनरेटर चलाकर विकास कार्यों को पूरा कराया गया।
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नगवा गांव को मिल सकता है जीआईसी की सौगात
रुद्रपुर। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव की माताजी के निधन पर शोक संवेदना जताने नगवा खास गांव आ रहे सीएम योगी आदित्यनाथ गांव को राजकीय इंटर कॉलेज की सौगात दे सकते हैं। प्राकृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े इस क्षेत्र पर सीएम पहले भी काफी मेहरबान रहे हैं। ग्रामीण दोआबा के बाढ़ प्रभावित इलाके में जीआईसी की मांग पहले भी सीएम से कर चुके हैं।
काम पहले, टेंडर बाद में
सीएम के आगमन के लिए पीडब्लूडी ने हेलीपैड व अन्य तैयारियों के लिए निकाला है 10 लाख रुपये का टेंडर
बुधवार से ही नगवा गांव में शुरू हो चुका है निर्माण
कागजी खानापूरी कर चहेतों को मैनेज करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। भ्रष्टाचार मिटाने की सरकार की सारी कवायदों पर जिम्मेदार पानी फेर रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम ही इसकी भेंट चढ़ गया है। जिस कार्य के लिए पीडब्लूडी ने गुरुवार को टेंडर खोला, वह कार्य बुधवार से ही शुरू हो चुका है। टेंडर होने से पहले तक ही आधा से अधिक काम पूरा कर लिया गया। सवाल यह है कि जब टेंडर ही नहीं था तो काम कैसे कराया गया और अगर काम आवंटित हो चुका था तो फिर टेंडर क्यों हुआ। पूरे मामले में पीडब्लूडी के जिम्मेदारों की कलई खुल गई है। सूत्रों की मानें तो चहेतों को लाभान्वित करने के मकसद से यह खेल हुआ है। विभाग की यह पुरानी आदत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 नवंबर को रुद्रपुर के नगवा गांव आ रहे हैं। वह यहां महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव के घर पहुंचकर शोक संवेदना जताएंगे। सीएम के आगमन के लिए हेलीपैड निर्माण, बैरिकेडिंग, स्विस कॉटेज सहित अन्य कार्यों के लिए पीडब्लूडी ने गुरुवार को टेंडर किया। करीब दस लाख रुपये की लागत वाले इन कार्यों के लिए दोपहर 12 बजे तक टेंडर फार्म जमा कराए गए और इसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे इसे खोला गया। यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ कागज तक ही सिमटी रही। दरअसल, जिस कार्य के लिए टेंडर गुरुवार को दोपहर में खोला गया, वह बुधवार से ही आरंभ हो चुका था। टेंडर खुलने से पहले ही 50 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका था। सवाल है कि जब निविदा प्रपत्र जमा ही नहीं हुए, टेंडर खुला भी नहीं तो एक दिन पहले ही प्रस्तावित कार्यों का निर्माण शुरू कैसे हो गया। विभागीय जानकारों का कहना है कि पीडब्लूडी में यह कोई पहला मामला नहीं है। इस तरह के कार्य हमेशा से होते आए हैं। निविदा निकालना व खोलना महज कागजी खानापूरी है। गोलमाल कर अधिकारी चहेतों को काम देते हैं।
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बिना टेंडर डाले लौटे ठेकेदार
नगवा खास में सीएम के आगमन पर प्रस्तावित निर्माण कार्यों का टेंडर गुरुवार को आम होते ही ठेकेदार पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के दफ्तर पहुंचने लगे। कार्यालय में एई प्यारेलाल व दो-तीन बाबू मौजूद थे। अन्य कर्मी सीएम के आगमन की तैयारी में रुद्रपुर पहुंचे हुए थे। बाबुओं ने यह कहकर ठेकेदारों को लौटा दिया कि टेंडर डालने से कोई फायदा नहीं, एक दिन पहले से ही ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है। इस पर बिना कुछ कहे ठेकेदार लौटते गए। एक बजे के करीब पीडब्लूडी का दफ्तर विरान सा हो गया।
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सीएम के आगमन की सूचना बुधवार को ही मिली। ऐसे में इतनी जल्दी टेंडर कर हेलीपैड, स्विस कॉटेज, बैरिकेडिंग कार्य संभव नहीं था। लिहाजा काम शुरू कराना पड़ा। नियमानुसार टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई है।
-डीके चौधरी, एक्सईएन, पीडब्लूडी, प्रांतीय खंड देवरिया।