हादसे को करीब से देखने वाले अब भी सदमे में
गौरी बाजार/देवरिया। सड़क हादसे में इंदूपुर, गौरी बाजार ही नहीं, जिले के साथ ही कुशीनगर जनपद के भी लोग गमगीन हो गए। वाहनों की जोरदार टक्कर और तेज आवाज ने जहां आस-पास के लोगों की नींद उड़ा दिया, वहीं, घायलों की चीख पुकार, सड़क पर पसरे खून एवं मांस के लोथड़े देखकर लोग घबरा गए। हादसे को करीब से देखने वाले कुछ लोग अब भी सदमे में हैं।
मंगलवार को जब कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र निवासी मृतकों के शवों को लेकर लोग शमशान घाट की तरफ बढ़े तो सभी की आंखें नम हो गई थीं। हर तरफ रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। कोहड़ा गांव में सन्नाटा पसर गया। परिवारों के जहां अरमान बिखर गए, वहीं छह अविवाहित पुत्रियों का एकमात्र सहारा पिता का साया उठ गया। गौरी बाजार-रुद्रपुर मार्ग पर इंदूपुर काली मंदिर मोड़ के समीप सोमवार की रात दस बजे बस एवं बोलेरो की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के पांच लोग शामिल रहे। चार लोग एक ही गांव कोहड़ा के, जबकि एक युवक बगल के गांव सांडी का था।
पोस्टमार्टम के बाद जब पांचों शव एक साथ गांव लाए गए तो समूचा क्षेत्र शोक में डूब गया। ग्राम कोहड़ा निवासी मृतक उमाकांत पांडेय (55) वर्ष की छह अविवाहित पुत्रियां हैं। एक मात्र सहारा पिता की मौत से पुत्रियों सहित पत्नी विमला देवी गहरे सदमे में हैं। इसी गांव के मृतक रामप्रकाश सिंह (65) की एक मात्र पुत्री रोली है। पुत्री एवं पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। इसी गांव के मृतक वशिष्ठ सिंह व रामसुभग (64) के परिवार का भी यही हाल है। इन शवों को एक साथ कोहड़ा गांव के उत्तर तरफ स्थित पोखरे पर शाम पांच बजे अंतिम संस्कार किया गया। अंकुर पांडेय (18) निवासी ग्राम सांडा के परिजन भी गम में डूब गए हैं। माता-पिता को गहरा सदमा लगा है। रामानंद मौर्य के परिजन भी बेसुध हो गए। इस सड़क हादसे में छह घरों की खुशियां तबाह हो गई। जब एक साथ कोहड़ा गांव में चार अर्थियां उठाई गईं तो पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों का करुण क्रंदन सुन लोगों की आंखें भर आईं।
सड़क का मोड़ और तेज रफ्तार ने छीन लीं छह जिंदगियां
गौरी बाजार। हादसे का कारण घटनास्थल के समीप सड़क का अचानक मोड़ और वाहनों का तेज रफ्तार बताया जा रही है। गौरी बाजार-रुद्रपुर मार्ग पर काली मंदिर मोड़ के समीप हुई इस दर्दनाक हादसे वाले स्थान पर सड़क का मोड़ एवं प्राइवेट बस की रफ्तार तेज होना भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। घटनास्थल के दोनों तरफ तीन सौ मीटर के बीच दो देसी शराब की दुकानें भी हैं, जहां देर रात तक भीड़भाड़ रहती है। कुछ आस-पास के लोगों का कहना है कि यहां सड़क के किनारे देर रात तक जमावड़ा लगा रहता है। संभव है कि तेज रफ्तार आ रहे वाहनों में अचानक किसी के सड़क क्रास करने के कारण आमने-सामने की टक्कर हुई हो। टक्कर इतनी जोरदार थी कि धमाके की आवाज से लोग सहम गए। बोलेरो एवं बस दोनों पलट गए। आस-पास के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। चीख-पुकार के बीच मदद का हाथ आगे बढ़ा एवं ग्रामीण घायलों को निकालने में जुट गए। बोलेरो के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बस के नीचे एक शव दब गया। जिसको निकालने के लिए पुलिस एवं स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पांच वर्ष पहले भी आठ लोग हो चुके की जा चुकी है जान
गौरी बाजार। गौरी बाजार-रुद्रपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे ने पांच वर्ष पूर्व की याद को ताजा कर दिया। एक किमी के दायरे में यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है। यह संयोग ही है कि वह भी घटना 18 अप्रैल की देर रात को उस समय हुई, जब बरात में आई नाच को देखने के लिए लोग सड़क के किनारे एकत्रित हुए थे। वह भी रात का समय था। उसमें भी सात लोगों की मौत मौके पर हुई थी। एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा था। उस समय गौरी बाजार थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय थे। इंदूपुर से सटे ग्राम पननहा का वह हादसा भी तेज रफ्तार आ रही वाहन के कारण हुआ था।