वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त डिवाइडर, फोटो संवाद
देवरिया। ठंड के मौसम में कोहरे के चलते शहर के अंदर ही हादसों का खतरा बना हुआ है। शहर के अंदर सड़क पर करीब एक दर्जन कट पर कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए हैं। वाहन चालकों की जान इन कट्स पर अपनी सूझबूझ से ही बच सकती है। इन विसंगतियों से जिम्मेदार बेखबर हैं।
शहर में सोंदा से लेकर पुरवां तक फोरलेन पर डिवाइडर में करीब एक दर्जन कट हैं। इन डिवाइडर पर नगरपालिका ने 200 के करीब पोल लगवाएं हैं। वहीं 60 से अधिक यूनिपोल लगे हैं। इन पर लाल रंग की रेडियम स्टि्रप कहीं नहीं लगी है। वहीं डिवाइडर में रुद्रपुर मोड़ से लेकर गोरखपुर रोड ओवरब्रिज तक सात कट हैं।
यह कट दिन में तो साफ दिखाई देते हैं, लेकिन रात के समय या कोहरे के समय बाहर से आ रही गाड़ियों के चालकों का अक्सर इन कट्स पर ध्यान नहीं जाता है। कोहरे के दिनों में तो इनका दिखना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में इन कट्स पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही हैं। इसमें इन कट्स पर लगे स्ट्रीट लाइट के पोल डैमेज हो जाते हैं।
कई भारी वाहनों की टक्कर इतनी तेज होती है कि डिवाइडर का कुछ हिस्सा टूटकर सरक जाता है। जिसे बाद में ठीक कराया जाता है। वहीं यहां पर लगे यूनिपोल भी इस टक्कर में डैमेज हो जाते हैं। वाहन चालकों को इससे सचेत करने के लिए इन कट्स पर कोई उपाय नहीं किए गए हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
हर महीने करीब पांच से छह वाहन होते हैं हादसे का शिकार : शहर में बने कट्स पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का खामियाजा अक्सर वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।
टक्कर से उनके वाहन तो डैमेज होते ही हैं, कई बार वाहन चालक भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। हर महीने करीब औसतन पांच से छह वाहन इन कट्स से टकरा जाते हैं।