पर्ची काउंटर पर लगी मरीजों की कतार। संवाद
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की अधिक भीड़ से व्यवस्था लड़खड़ा गई। त्योहार व अवकाश के बाद सोमवार को साढ़े चार हजार से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। हर जगह मरीजों को इंतजार करना पड़ा। पर्ची काउंटर व कुछ स्थानों पर पहले डॉक्टर कक्ष में जाने को लेकर शोर मचा और धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षा कर्मियों ने समझा कर शांत कराया। बिलिंग काउंटर और एक्स-रे जांच के लिए दोपहर बाद तक लाइन लगी थी। करीब पंद्रह से बीस लोग बिना एक्स-रे कराए लौट गए।
स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन व रविवार के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर मेडिकल कॉलेज में काफी संख्या में मरीज पहुंचे। शहर से लेकर ग्रामीणांचल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के काफी संख्या में मरीज इलाज कराने आए थे। सुबह आठ बजे से रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लोग पहुंचने लगे। नौ बजे तक कतार लग गई। दस बजे पुरुष और महिला अस्पताल के काउंटर कतार लंबी हो गई। दोपहर साढ़े बारह बजे इधर से गुजरने में परेशानी हो रही थी। बगल से पर्ची लेने का प्रयास करने पर लोगों ने शोर मचाया। करीब तीन हजार लोगों ने पर्ची लिया, जबकि करीब पंद्रह सौ से अधिक मरीज फालोअप में पहुंचे थे। उनके साथ तीमारदार भी थे, जिससे भीड़ और हो गई थी। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज ओपीडी में पहुंचे। मेडिसिन विभाग के तीनों कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ रही। डॉक्टर कक्ष में जाने को लेकर मरीज धक्का-मुक्की किए। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. निखिलेश मिश्रा, डॉ. अतुल गुप्ता ने करीब 700 मरीजों का इलाज किया।
चेस्ट व टीबी में भी भीड़ रही। डॉ. अनुराग शुक्ला ने 170 से अधिक, मानसिक रोग में 132 मरीजों का इलाज किया गया। चर्म रोग विभाग में कतार लंबी रही। यहां भी धक्का-मुक्की हुई। डॉ. अजीत पाल, डॉ. सुधा चौधरी ने 300, सर्जरी में डॉ. मानवेंद्र ने 125 से अधिक मरीजों का इलाज किया। ईएनटी में भी भीड़ रही। डॉ. प्रदीप गुप्ता ने 275, नेत्र रोग में डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. अदिती, डॉ. त्रिलोकी मीना ने 350 मरीजों का इलाज किया। आर्थों में भी लंबी कतार रही। डॉ. रजनीश, डॉ. राहुल त्रिपाठी ने 540, दंत में डॉ. रेनू सिंह, डॉ. निहारिका, डॉ. प्रियंका ने 110 मरीजों का इलाज किया। बाल रोग में डॉ. इकबाल ने 257 मरीजों का इलाज किया। उधर बिलिंग काउंटर पर शाम साढ़े तीन बजे तक लाइन लगी थी, जबकि एक्स-रे सेंटर पर भी देर तक जांच हुई। भीड़ को देख कर करीब पंद्रह से बीस लोग बिना जांच कराए लौट गए। दवा काउंटर पर मरीजों की भीड़ रही। मरीजों को हर जगह देर तक इंतजार करना पड़ा। उमस भरी गर्मी से मरीज व तीमारदार परेशान रहे। बैठने के लिए कुर्सी व गर्मी से राहत के लिए कूलर बढ़ाए गए हैं, लेकिन भीड़ अधिक होने से व्यवस्था कम पड़ गई।