- शहर के अधिकतर मोहल्लों में बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति
- स्ट्रीट लाइटें नदारद, रात में छाया रहता अंधेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/सोनूघाट। शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्थिति यह है कि अधिकतर मोहल्लों में खंभे के अभाव में बांस-बल्ली के सहारे बिजली की लाइनें खींची गई हैं, जो उपभोक्ताओं की जान जोखिम में डालते हुए रामभरोसे चल रही है।
रुद्रपुर रोड स्थित सरस्वती नगर निवासी सरिता पांडेय व दुर्गेश पांडेय ने बताया कि सूर्या हॉस्पिटल के पास से होकर जाने वाली बिजली की केबलें बांस-बल्ली के सहारे बंधी हैं। हालांकि पिछले पांच वर्षों में थोड़ा-बहुत सुधार जरूर हुआ है, लेकिन ज्यादातर खंभों पर आज भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हैं। नतीजतन रात में अंधेरे में निकलना बेहद खतरनाक हो जाता है।
जेल चौकी के पास डॉ. बिंदू यादव गली निवासी अवधेश यादव व हरिगोविंद सिंह ने बताया कि गली के मोड़ पर लगे 100 केबीए ट्रांसफाॅर्मर से करीब 100 से अधिक कनेक्शन निकले हैं। इनमें से कई तार पेड़ों से होकर गुजरते हैं। आए दिन तार आपस में टकराने से फाल्ट होता है और पूरे इलाके की आपूर्ति ठप हो जाती है। दानोपर मोहल्ले निवासी अभिषेक कुमार ने कहा कि उनके घर के सामने लगे पोल पर वर्षों से तारों का जाल उलझा पड़ा है। आठ साल से आवेदन देने के बावजूद निगम ने कभी सुधार नहीं कराया। भटवलिया निवासी वीरेंद्र कुमार आर्य ने बताया कि एक खंभे से सौ से अधिक कनेक्शन निकाल दिए गए हैं। ऐसे में एक लाइन में फाल्ट होते ही पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूब जाता है और कभी-कभी पूरी रात लोग बिजली के बिना परेशान रहते हैं।
लाइनमैन को खुश रखिए, तभी मिलेगा समाधान
नाथनगर निवासी अवधु कन्नौजिया का कहना है कि यहां फाल्ट रोज की समस्या है। फोन करते रहिए, लेकिन समाधान तभी होता है जब प्राइवेट लाइनमैन को खुश रखा जाए। चकिया ढाला निवासी दुकानदार राजीव जायसवाल ने बताया कि तार बदलने की बात काफी समय से चल रही है, लेकिन निगम की उदासीनता के कारण आज तक जर्जर तारों को नहीं बदला गया। भीखमपुर रोड निवासी दुकानदार दर्शन सेठ ने कहा कि भारी जंफर लोड के कारण अक्सर फाॅल्ट हो जाता है। कई बार तो पूरा बॉक्स धू-धू कर जल उठता है।
विभाग ने माना समस्या, सुधार का वादा
अधिशासी अभियंता विद्युत चंद्रमा प्रसाद ने बताया कि एक पोल पर मानक से अधिक कनेक्शन होने से फाल्ट होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी हाल ही में जिले का चार्ज लिया है। फाल्ट और बांस-बल्ली वाली व्यवस्था से उपभोक्ताओं को छुटकारा दिलाने के लिए एक कार्यदायी संस्था के माध्यम से काम कराया जाएगा। स्थिति का आकलन कर युद्धस्तर पर सुधार का प्रयास किया जाएगा।