संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में भीड़ से सोमवारक ो व्यवस्था चरमरा गई। रजिस्ट्रेशन काउंटर के सर्वर में खराबी आने से काम ठप रहा। करीब एक घंटे तक मरीज पर्ची के लिए परेशान रहे।
सर्जरी विभाग में पहले डॉक्टर कक्ष में जाने को लेकर धक्का-मुक्की हुई, जिसे लेकर हो-हल्ला हुआ। एक्स-रे सेंटर पर भी मरीजों ने शोर मचाया। सुरक्षा कर्मियों ने समझा-बुझाकर शांत कराया। बिलिंग काउंटर, दवा वितरण काउंटर पर भीड़ और गर्मी से मरीज परेशान रहे।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। उमस भरी गर्मी में शहर से लेकर ग्रामीणांचल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों से मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। सुबह आठ बजे से पुरुष और महिला के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लोग पहुंचने लगे। नौ बजे तक लाइन लग गई।
इसी बीच सर्वर में खराबी आ गई, जिससे कार्य ठप हो गया। कतार में खड़े लोग परेशान रहे और शोर करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें शांत कराया। करीब एक घंटे बाद सर्वर चालू होने पर कार्य शुरू हुआ। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। पुरुष और महिला अस्पताल के काउंटर पर लाइन लंबी हो गई।
पर्ची काउंटर पर करीब डेढ़ बजे तक भीड़ रही। करीब दो हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब बारह सौ से अधिक मरीज फालोअप में पहुंचे थे। मरीजों के साथ तीमारदार भी थे। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज ओपीडी में पहुंचे। सुबह 12.30 बजे सर्जरी विभाग में मरीजों की लंबी कतार थी। देर से खड़े मरीज परेशान थे। बगल से डाॅक्टर कक्ष में जाने पर लोगों ने हो-हल्ला किया।
करीब एक बजे अचानक अधिक संख्या में मरीज जबरन कक्ष में घुस गए, जिससे परेशानी हुई। सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह कंट्रोल किया। डॉ. मानवेंद्र ने करीब 110 से अधिक मरीजों का इलाज किया। मेडिसिन विभाग में भी मरीजों की भीड़ रही है।
डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. निखिल मिश्रा ने करीब साढ़े चार सौ मरीजों का इलाज किया। मानसिक रोग में डॉ. अंबू पांडेय ने करीब 90, दंत में डॉ. रेनू सिंह, प्रियंका, डॉ. निहारिका ने 84, चेस्ट व टीबी में डॉ. अनुराग शुक्ला ने सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया।
चर्म रोग भी कतार रही। डॉ. अजीत पाल, डॉ. सुधा ने 250, ईएनटी में लंबी कतार रह। लोग धक्का-मुक्की कर रहे थे। डॉ. प्रदीप गुप्ता ने 215 मरीजों का इलाज किया। नेत्र विभाग में डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. अदिती ने 280 मरीजों का इलाज किया। आर्थों में डॉ. रजनीश, डॉ. शंभू ने साढ़े चार सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया। बिलिंग काउंटर पर बगल से लोग बिल लेने का प्रयास कर रहे थे, जिससे हो-हल्ला हुआ। सुरक्षा कर्मियों के मना करने के बाद भी लोग नहीं हट रहे थे।