संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में जलस्तर बढ़ गया है। जिससे राप्ती भी उफान पर है। दूसरी बार नदी खतरे के निशान 66.50 से करीब एक मीटर ऊपर 67.50 मीटर पर बहने लगी। जिससे बाढ़ का पानी परसियां-विशुनपुर देवार के कुछ मजराें के निकट तक पहुंच गया है। वहीं भदिला प्रथम गांव टॉपू बना हुआ है। निर्माणाधीन मोहन सेतु के निकट नदी बेतहाशा कटान कर रही है। जलस्तर में बढ़त और हो रही बेतहाशा कटान के कारण दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों में खलबली है।
सरयू नदी के उफनाने से राप्ती में भी बाढ़ आ गई है। थाना स्थित पक्के घाटों की सीढि़यां एक बार फिर डूब गई हैं। पिछले तीन दिनों से नदी खेतों के रास्ते तेजी से गांवों का रुख कर रही है। विशुनपुर देवार के अधिकांश मजरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं परसियां देवार के दसरसरिया, भरटोला आदि मोहल्लों में बाढ़ पानी घुसने को मचल रहा है। दूसरी ओर नदी का पानी पीडब्ल्यूडी बांध के निकट तक पहुंच गया है। कटइलवा, कपरवार संगम तट और बिनोवापुरी, महेन, मोहरा-केवटलिया तटबंध पर नदी के पानी का दबाव बढ़ गया है। जलस्तर मे उतार-चढ़ाव के अलावा निर्माणाधीन मोहन सेतु के दक्षिणी छोर के निकट नदी बेतहाशा कटान कर रही है। लोगों के अनुसार नदी रोजाना तीन से चार फीट चौड़ाई में करीब तीन किलोमीटर तक कटान कर रही है।
इंसेट में-
बाढ़ चौकियों को किया गया अलर्ट, कंट्रोल रुम पर कर्मचारी तैनात
बरहज। सरयू के करवट लेने से एक बार फिर जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज किया जा रहा है। नदी डेंजर लेवल से एक मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में हो रहे इजाफा को लेकर प्रशासन ने बनाई गई बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। जबकि तहसील परिसर में बनाये गये कंट्रोल रुम में कर्मचारी तैनात किया गया है। प्रशासन हालात पर नजर रखते हुए जनता से संपर्क बनाये हुए है। बाढ़ चौकियों पर राजस्वकर्मियों की चौकसी बढ़ा दिया गया है।
कोट-
नदी के जलस्तर में इजाफा हुआ है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। तटबंधों की निगरानी बढ़ा दिया गया है।
विपिन कुमार द्विवेदी एसडीएम, बरहज
स्पीकअप-
दियारा क्षेत्र में निरंतर हो रही कटान से उच्चाधिकारियाें को अवगत कराया गया। लेकिन कोई पुरसाहाल नहीं निकल सका है। नदी में यदि ऐसे ही रोजाना कटान होता रहा तो दियारा के कुछ मजरे प्रभावित हो सकते हैं।
छोटेलाल
सरयू में हो रहे बेतहाशा कटान से नदी रोजाना कृषि भूमि निगल रही है। सैकड़ों एकड़ भूमि का अस्तित्व समाप्त हो गया है। नदी तेजी से पीडब्ल्यूडी बांध और कुछ मजरों की ओर बढ़ रही है। इंतजाम न होने और कटान को लेकर कुरह परसियां और कोलखास गांव का मंजर कौंध जा रहा है।
रमाशंकर यादव