बरहज। सरयू और राप्ती का जलस्तर तीन दिन से कम हो रहा है मगर नदी कृषि भूमि को निगल रही है। मोहन सेतु के पास कटान से निर्माणाधीन पुल के अस्तित्व पर खतरा बढ़ गया है।
सरयू इस वर्ष उच्चतम 66.95 मीटर तक पहुंच गई थी। अब नदी खतरे के निशान 66.50 से 15 सेमी ऊपर 66.65 मीटर पर बह रही है।
परसियां-विशुनपुर देवार के छोटेलाल, शंकर यादव, रमाशंकर यादव, शिवमंगल आदि का कहना है कि रोजाना किसानों की जमीन नदी में विलीन हो रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार सहाय ने बताया कि नदी लगातार पीछे हट रही है।