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Deoria News: कामर्शियल रसोई गैस का रेट बढ़ने से महंगी हुई चाय की चुस्की

Sat, 02 May 2026 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। घरेलू रसोई गैस की किल्लत से परेशान दुकानदारों ने कामर्शियल सिलिंडर की तरफ रुख किया ही था कि उसके दाम भी आसमान छूने लगे। नया सिलिंडर लगभग 3200 रुपये का हो गया है, जो घरेलू सिलिंडर से तीन गुना महंगा है। इसका असर खाने-पीने के सामान पर पड़ने लगा है। सबसे तेज चाय का रेट बढ़ा है। दिसंबर में 10 रुपये कप मिलने वाली चाय अब 15 रुपये की हो गई है। ठेलों पर मिलने वाले बर्गर, चाउमीन से लेकर रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने के सामनों का भी मूल्य बढ़ गया है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि सिलिंडर के अलावा तेल, बेसन, मैदा समेत अन्य सामान का मूल्य भी बढ़ा है। सब्जियां भी महंगी हो रही है।
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जिले में करीब पौने सात लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इसके अलावा पिछले महीने तक 1800 कामर्शियल सिलिंडर था। रसोई गैस का संकट शुरू होने के बाद से घरेलू सिलिंडरों की मांग और आपूर्ति का अंतर इतना बढ़ा है कि जिले में करीब एक लाख सिलिंडर का बैकलॉग हो गया है। होम डिलिवरी पर भी करीब 10 दिन बाद ही आपूर्ति हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में तो स्थिति और विकराल हो गई है। घरेलू गैस सिलिंडर की दिक्कत से बचने को लोगों ने तेजी से कामर्शियल सिलिंडर की तरफ रुख किया था। महीने भर में ही करीब दो हजार नए कनेक्शन दिए गए हैं। होटल-रेस्टोरेंट से लेकर चाय वाले तक कामर्शियल सिलिंडर लेने लग गए थे। लगा कि व्यवस्था पर पटरी पर लौट रही है, तब तक रेट ही अचानक बढ़ जाने से परेशानी बढ़ गई है।
रेस्टोरेंट संचालक विजय जायसवाल का कहना है कि सब कुछ महंगा खरीदकर बिना रेट बढ़ाए सामान की बिक्री संभव नहीं है। चाय का रेट तो हर जगह 12 से 15 रुपये प्रति कप हो गया है। जल्दी ही समोसा से लेकर बर्गर और डेसा तक का नया रेट लिस्ट जारी होगा।
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बिरियानी के विक्रेता मनोज का कहना है कि रसोई गैस सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि पुराने रेट पर अब सामान बेचना संभव नहीं है। मसाला-तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। किराना वाले हर दिन रेट में एक-दो रुपये उपर कर दे रहे हैं। ऐसे में अब हम लोगाें को भी नया रेट शुरू करना होगा।
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किराएदारों की बढ़ी मुसीबत
एक निजी कंपनी में काम करने वाले सुशील वर्मा शहर के एक मोहल्ले में पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रहे थे। सिलिंडर की किल्लत के चलते मकान मालिक ने उनको अपने खाने का इंतजाम स्वयं करने को कह दिया है। तब से सुशील परेशान हैं। अभी वे होटल में खाना खा रहे हैं। बता रहे हैं कि अगर होटल वालों ने खाने का रेट बढ़ाया तो उनका महीने का बजट बिगड़ जाएगा। बीआरडी पीजी कालेज में पढ़ने वाले सुशांत त्रिपाठी बताते हैं कि एक दोस्त के साथ किराए का कमरा लेकर रहते हैं। खाना पकाने के लिए छोटा सिलिंडर था, जिसे वह दुकान पर जाकर भरा लेते थे। जब से रसोई गैस की किल्लत आई है, वह सिलिंडर ही नहीं मिल रहा है। बड़ी मुश्किल से पांच किलो वाले सिलिंडर क जुगाड़ किए थे, उसका रेट ही बढ़ गया। ऐसे में अब महीने का खर्च भी बढ़ाना पड़ेगा। 15 दिन से हम घर से आ जा रहे हैं।

कोट
मेरे पास छोटा सिलिंडर है, जिसमें 100 रुपये में एक किलो गैस भरी जाती थी। घरेलू गैस सिलिंडर की किल्ल्त के बाद कामर्शियल सिलिंडर से इसे रिफिल करा रहा था। अब कामर्शियल सिलिंडर महंगा होने पर एक किलो की कीमत 150 रुपये के आसपास हो जाएगी। इससे हमारा खर्च डेढ़ गुना बढ़ जाएगा।
हसीन, प्राइवेट कर्मी

कोट
हम दोपहर का खाना एक दुकान से आर्डर पर मंगा रहे थे। दुकानदार ने बताया है कि कामर्शियल सिलिंडर महंगा होने के बाद जल्द ही खाने का रेट बढ़ने वाला है। इसका सीधा असर हमारी बचत पर पड़ेगा। सेलरी बढ़ नहीं रही है और सामान लगातार महंगे होते जा रहे हैं।
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नीतू, प्राइवेट कर्मी
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