देवरिया। मेडिकल काॅलेज कांड के जल्द खुलासे का दावा कर रही पुलिस अभी तक घटना की वजह ही नहीं तलाश पाई है। जबकि, स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ के बाद मामले के खुलासे की बात हो रही है। वहीं स्वास्थ्यकर्मी पुलिस पर मामले को उलझाने का आरोप लगा रहे हैं। इधर स्वास्थ्यकर्मियों के विरोध के बाद पुलिस के पूछताछ का सिलसिला थम गया है।
महाराष्ट्र के अशोक गावंडे का शव छह अक्तूबर को मेडिकल काॅलेज में ओपीडी बिल्डिंग की पानी की टंकी में मिला था। उसके साले प्रफुल्ल और उसकी पत्नी ने मेडिकल काॅलेज की मोर्चरी में पहुंचकर शव की पहचान की थी। अशोक का अंतिम संस्कार पत्नी व साले ने गोरखपुर में किया।
अशोक का शव मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में कैसे पहुंचा इसकी जांच के लिए गोरखपुर से लेकर मुंबई तक पड़ताल पुलिस कर रही है, पर अभी तक कोई ऐसा साक्ष्य या चश्मदीद नहीं मिला, जिसके सहारे पुलिस की जांच को सही दिशा मिल सके।
पुलिस बार-बार मेडिकल काॅलेज के स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ कर रही है और इसी के माध्यम से हत्या के खुलासे की उम्मीद पाले हुए है जबकि स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि अशोक की मौत से उसके करीबियों या जानकारों को ही फायदा मिल सकता है। पुलिस उसके गोरखपुर से देवरिया आने और फिर अस्पताल पहुंचने की कहानी की जांच नहीं कर रही है।