देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नए रोगी पंजीकरण काउंटर बनाए जाएंगे।
इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी पर्ची काउंटर पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए काउंटरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इन रोगियों को पहले रोगी पंजीकरण काउंटर पर पंजीकरण कराकर पर्ची लेना पड़ता है। इस पर्ची को ओपीडी में डॉक्टर कक्ष में जमा करने के बाद नंबर आने पर दिखाना होता है। मेडिकल काॅलेज में वर्तमान में न्यू ओपीडी बिल्डिंग में ओपीडी के लिए चार पंजीकरण काउंटर हैं। एक काउंटर आईपीडी अर्थात रोगियों को भर्ती करने के लिए बनाया गया है। वहीं एमसीएच विंग में दो रोगी पंजीकरण काउंटर और एक भर्ती काउंटर है।
महज छह काउंटरों की सीमित संख्या के चलते सुबह सात बजे से ही मेडिकल काॅलेज में रोगियों की कतार लग जाती है।
पंजीकरण कराने के फेर में कई बार मरीजों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हो जाती है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों लाइन में खड़े रहने से बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने दो अतिरिक्त रोगी पंजीकरण काउंटर खोलने का निर्णय लिया है।
इसे न्यू ओपीडी बिल्डिंग में रोगी भर्ती काउंटर के बगल वाली खिड़की से संचालित किया जाएगा। प्राचार्य प्रो. रजनी पटेल ने बताया कि दो नए रोगी पंजीकरण काउंटर खोलने की प्रक्रिया चल रही है। इसे शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा।