संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में हर तरफ नवरात्र और दशहरा की धूम है। देवी गीतों की धुन से चारो ओर माहौल भक्तिमय है। कई जगहों पर दर्शन के लिए मां के पट खोल दिए गए हैं। वहीं मंदिरों में रात्रिकालीन देवी जागरण में भक्तों की भारी भीड़ जुट रही हैं।
रविवार को देर शाम सप्तमी तिथि की शुरूआत हो रही है। लेकिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सोमवार को उदयकाल की सप्तमी में शहर के सभी पंडालों में देवी दुर्गा के पट खोल दिए जाएंगे। शहर में अष्टमी और नवमी को दो दिन तक मेला लगेगा।
शहर में तीन दर्जनों से अधिक पंडाल स्थापित किए गए हैं। इनमें दुर्गा प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापना की गई है। भक्तिगीत के बीच लोग पूजन अर्चन शुरू कर दिए हैं। शहर में कई जगह भव्य पंडाल बनाए गए हैं। इनमें श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन शुरू कर दिया है। इन्हीं में से एक पंडाल गायत्रीपुरम स्थित बालाजी मंदिर के पास वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। जहां दर्शन के लिए युवाओं की भारी भीड़ जुट रही है।
प्रेम मंदिर पंडाल में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए देवी का पट शुक्रवार को ही खोल दिया गया है। वृंदावन के प्रेम मंदिर की तर्ज पर बना यह पंडाल युवाओं को ज्यादे ही अपनी ओर लुभा रहा है। कलाकारों की सधी मेहनत और पुरोहितों के वैदिक मंत्रों ने प्राण फूंक कर मां की प्रतिमा को जीवंत बना दिया है। यहां खास बात यह है कि प्रेम मंदिर के दर्शन के लिए रात में विद्युत झालरों की चकाचौध में ही नहीं दिन भर युवाओं की भीड़ देखी जा रही है।
युवा-युवती पंडालों में हर तरफ खडे़ होकर सेल्फी ले रहे हैं। यहां श्रद्धालु पंडाल और मंदिर की भव्यता का दर्शन कर कलाकारों की मुक्तकंठ से प्रशंसा भी कर रहे हैं। आयोजक करन यादव ने बताया कि प्रेम मंदिर का भव्य स्वरूप देने का काम वृंदावन के कलाकारों ने किया है। भक्तों की सुविधा के लिए पंडाल परिसर में खाने-पीने के वस्तुओं के स्टाॅल भी लगाये जा रहे हैं।
सप्तमी तिथि के बाद यहां का नजारा और देखने लायक होगा।
वहीं राघव नगर में आदि शक्ति दरबार पूजा समिति ने भी भव्य दुर्गा पंडाल बनाया है। यहां श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए देवी का पट शुक्रवार को ही खोल दिया गया है। यहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है।
आयोजक अमन वर्मा, सूरज मिश्रा, मनीष तिवारी, बिट्टू वर्मा, रोहित जायसवाल, दीपू बरनवाल आदि ने बताया कि यहां नौ देवी नौ झूला थीम पर पंडाल का निर्माण किया गया है। मां झूले पर विराजमान हैं। इस भव्य स्वरूप को देखने लिए श्रद्धालुओं की नैन नहीं अघा रही है।