मझौली मोड़ स्थित निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की हुई थी मौत, दूसरा हुआ था रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। मझौली मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में एक सप्ताह एक प्रसूता की डिलीवरी के बाद नवजात की मौत हो गई थी। उसके अगले दिन एक महिला का ऑपरेशन कर प्रसव कराने के बाद जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर हो गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार ने 12 सितंबर को अस्पताल को अवैध बताते हुए सील कर दिया था। इसी बीच शुक्रवार को अस्पताल संचालक ने पुन: खोल दिया।
कोतवाली क्षेत्र के निजामाबाद गांव निवासी अजमेरी पत्नी नवाज काे एक सप्ताह पहले प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन आननफानन मझौली मोड़ पर संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। नार्मल डिलीवरी हुई। कुछ देर बाद अस्पताल के संचालक ने मासूम की हालत गंभीर बताते हुए अपने चहेते अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां नवजात की मौत हो गई थी।
अगले दिन हिछौरा लाला गांव की पूजा देवी (35) पत्नी विपिन प्रसाद को गांव की आशा कार्यकर्ता झांसा में लेकर उसी अस्पताल में चली गई। ऑपरेशन के जरिये उसने बच्चे को जन्म दिया। गंदा पानी पीने की बात कह गोरखपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां उसे लाखों रुपये गंवाने पड़े। दोनों मामलों की शिकायत मिलने के बाद 12 सितंबर को सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार को जब मिली तो मौके पर पहुंचे और अस्पताल अवैध रूप से संचालित होता पाया।
उधर, सीएमओ डाॅ. अनील कुमार गुप्ता ने टीम गठित कर जांच करा रहे थे, इसी बीच शुक्रवार को सील हुए सृष्टि हेल्थ केयर अस्पताल पुनः खुल गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि कागजात नहीं मिलने पर अस्पताल को सील किया गया था। अस्पताल पुन: खुले होने की सूचना मिली है। जांच कराई जा रही है।