सलेमपुर। ब्लॉक क्षेत्र के सहला गांव के बाहर स्थित सरकारी ट्यूबवेल की नाली में सरकारी दवा मिलने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। मामले में शासन स्तर से सीएमओ कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन एसीएमओ डॉ. आरपी यादव ने सीएचसी पहुंचकर मामले की जांच की। दवा के नमूने और बैच नंबर लेकर सीएमओ कार्यालय चले गए। उधर, विभागीय अधिकारी पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 25 मई को सहला गांव के बाहर स्थित एक सरकारी ट्यूबवेल की नाली में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं फेंकी हुई मिली थीं। अमर उजाला ने सरकारी दवाएं ट्यूबवेल की नाली में मिलीं, वीडियो वायरल से हड़कंप शीर्षक से 26 मई के अंक में खबर प्रकाशित किया था।
खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दवाओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
टीम ने दवाओं के बैच नंबर के आधार पर यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की कि आखिर दवा किस अस्पताल से जारी हुई थी और इसे किस एएनएम को दिया गया था। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि नाली में मिली दवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर की नहीं है।
मामले को शासन द्वारा संज्ञान में लेने के बाद सीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता खुद सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. आरपी यादव ने सीएचसी पहुंचकर मामले की जांच की। प्रकरण का आख्या तैयार कराकर वह सीएमओ कार्यालय लेकर चले गए।