बरहज। सरयू नदी में डूबे परसियां देवार निवासी मजदूर धरमू की तलाश में नदी में उतरे बरहज नगर के गौरा वार्ड निवासी गोताखोर सुरेंद्र साहनी की भी डूबने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की देर शाम शव पहुंचने के बाद मृतक के परिजनों और मोहल्ले के नाराज लोगों ने गौरा जाने वाले मार्ग पर शव रखकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे।
करीब सात घंटे बाद अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद देर रात सरयू तट पर सुरेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया।
गोताखोर सुरेंद्र साहनी का शव शुक्रवार की शाम को बरहज पहुंचते ही लोगों की भीड़ जुट गई। नाराज लोग सुरेंद्र के परिवार को न्याय, सरकारी मदद आदि की मांग करते हुए शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे।
इस दौरान पुलिस से हल्की नोकझोक हुई। इससे लोग और उग्र हो गए। मौके एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी, एडीशनल एसपी दक्षिणी सुनील कुमार सिंह, सीओ राजेश चतुर्वेदी पांच थानों की फोर्स के साथ पहुंच गये। उधर, नाराज लोग अपनी जगह से हिलने काे तैयार नहीं थे।
सुरेंद्र के परिजनों का कहना था कि तबीयत खराब होने के बावजूद प्रशासन ने धरमू की तलाश के लिए जबरिया उन्हें अपने साथ ले जाकर नदी में उतार दिया, जिस वजह से वह खुद ही डूब गए। परिजन बच्चों की पढ़ाई, आर्थिक मदद, पत्नी को नौकरी आदि की मांग कर रहे थे।
रात करीब 12 बजे एसडीएम ने पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से सभी आर्थिक लाभ दिलाने का आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया। इसके बाद रात में करीब डेढ़ बजे सुरेंद्र के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि परिजनों को प्रशासन से मिलने वाली हर संभव मदद के लिए आश्वासन दिया गया है। सुरेंद्र का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।