फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: पांच साल से चल रही थी नकली शराब की फैक्टरी

Thu, 05 Mar 2026 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। दो दिन पहले पुरवा चौराहे के पास पकड़ी गई नकली शराब की फैक्टरी करीब पांच वर्षों से शहर के आसपास ही अलग-अलग जगह पर संचालित हो रही थी। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में इसका भंडाफोड़ होने के बाद पूरे धंधेबाजों में हड़कंप मच गया है। चर्चा है कि यहां बन रही शराब के लिए बोतल, ढक्कन और स्टिकर एक स्थानीय कारोबारी के जरिए उपलब्ध कराई जाती थी।
विज्ञापन

पुरवा चौराहे के पास मंगलवार को शराब बनाने की अवैध फैक्टरी पकड़ी गई थी। वहां से अलग-अलग ब्रांड के रैपर, डॉट, बार कोड आदि मिला था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले यह फैक्टरी बैतालपुर कस्बे के पास पकड़ी गई थी। उस समय कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक यह धंधा बंद रहा, लेकिन बाद में फिर से शुरू कर दिया गया। आरोप है कि संचालक लगातार जगह बदलकर और गुप्त तरीके से नकली शराब बनाने का काम करता रहा।
बताया जा रहा है कि फैक्टरी में तैयार की जा रही शराब पर हरियाणा और राजस्थान में निर्मित ब्रांडेड शराब के रैपर लगाए जाते थे। इसके लिए बाकायदा नकली बोतलें, ढक्कन और ब्रांडेड कंपनियों के लेबल का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पहली नजर में यह असली शराब लगे। जांच में यह भी सामने आया है कि शराब कारोबार से जुड़ा एक व्यक्ति इस अवैध फैक्टरी को रैपर, ढक्कन और पैकिंग से जुड़ा अन्य सामान उपलब्ध कराता था। उसी की मदद से तैयार शराब को ब्रांडेड बोतलों की तरह पैक कर बाजार में उतारा जाता था।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक होली पर्व को देखते हुए इस फैक्टरी में बड़े पैमाने पर शराब तैयार की गई थी। त्योहार के दौरान मांग बढ़ने का फायदा उठाने के लिए यहां से तैयार नकली शराब की बड़ी खेप बिहार भेजी गई है। आशंका है कि वहां विभिन्न जिलों में इसे खपाने की तैयारी थी। पुलिस और आबकारी विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक इस फैक्टरी से कितनी मात्रा में नकली शराब विभिन्न राज्यों में भेजी जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के समय नकली शराब के कारोबारियों की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में लगातार निगरानी और अभियान चलाकर इस तरह के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें