देवरिया। हजरत शहीद अब्दुल गनी शाह मजार कुर्ना नाला की भूमि प्रकरण में शुक्रवार को कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई होगी। एएसडीएम कोर्ट द्वारा मजार की भूमि को सरकारी बंजर घोषित किए जाने के फैसले के खिलाफ मजार कमेटी ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की है।
पिछले साल के अंत में एएसडीएम अवधेश निगम की कोर्ट ने मजार प्रकरण में जमीन के मालिकाना हक को लेकर गहन सुनवाई की थी। साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों के अवलोकन के बाद कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि जिस भूमि पर मजार स्थित है, वह राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी बंजर भूमि की श्रेणी में आती है। कोर्ट ने इस जमीन को सरकारी संपत्ति माना था। इस आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने जमीन से मजार का नाम हटाकर आधिकारिक तौर पर सरकार का नाम दर्ज कर दिया।
तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई और एएसडीएम के आदेश से असंतुष्ट होकर मजार कमेटी ने कमिश्नर कोर्ट में वाद दायर किया। इस पर छह मार्च को सुनवाई की तारीख लग गई। दूसरी ओर कमेटी ने उच्च न्यायालय में भी याचिका दाखिल कर दिया। हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए कमिश्नर को पांच सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।