भाटपार रानी। छोटी गंडक और खनुवा नदी के किनारे बने तटबंध रेन कट से जर्जर हो गए हैं। कई वर्षों से इन बांधों की मरम्मत तो दूर सिंचाई विभाग के अफसरों ने निरीक्षण भी नहीं किया है। ग्रामीणों को आशंका है कि अगली बरसात में पानी का दबाव बढ़ने पर जर्जर तटबंध कई जगह टूट सकते हैं।
छोटी गंडक नदी के किनारे बनकटा शंभू से बड़कागांव होते हुए मठदनउर, बनकटा मिश्रा बेदवलिया तटबंध, मलहचक मदनचक चनुकी तटबंध, चनुकी दिस्तौली करमुवा तटबंध और करमुवा खरवनिया तटबंध स्थित हैं। वहीं, खनुवा नदी पर बनकटा शंभू धर्मखोर करन और सरया कुकुर घाटी तटबंध तथा खैराट बांसघाटी तटबंध स्थित है। धर्मखोर करन और सरया के पास तटबंध जर्जर हो चले हैं। यहां रैट होल के अलावा रेनकट से भी दिक्कत है। धर्मखोर करन के सुधीर सिंह, लालचंद राजभर, सुदिष्ट सिंह, सरया के पूर्व जिला पंचायत सदस्य निर्भय नारायण सिंह आदि ने बताया कि पिछले कई वर्षों से तटबंधों पर मरम्मत कार्य नहीं कराए गए हैं।
यही हाल छोटी गंडक नदी के बनकटा मिश्र से बेदवलिया तटबंध और बेदवलिया से जीरासो तटबंध तक है। बनकटा मिश्र के उत्कर्ष मिश्र, पूर्व प्रधान कामेश वर्मा, बेदवलिया के बबुंदर यादव आदि ने बताया कि तटबंध की मरम्मत नहीं होने से उनकी दशा खराब हो चुकी है। बरसात में पानी का दबाव बढ़ा तो जर्जर तटबंध इसे झेल नहीं पाएंगे और कई गांवों में तबाही आ जाएगी।
इस संबंध में प्रभारी तहसीलदार अभिजीत सिंह ने बताया कि हल्का लेखपालों से रिपोर्ट मंगाकर सिंचाई विभाग को भेजी जाएगी।