दो माह तक जिंदगी से जंग लगने के मौत का शिकार हुई महिला को नहीं मिला न्याय
- बेटी को न्याय न दिला पाने में असफल पिता पदाधिकारियों का लगा रहे है चक्कर
- प्राथमिकी दर्ज होने के बाद प्रबंधक को जेल भेजा, डाक्टर की गिरफ्तारी में नहीं दिखा रही रुचि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संध्या पटेल की गैर इरादात हत्या मामले में फरार अस्पताल की महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करने में पुलिस असफल है। पुलिस सिर्फ छापा मारने की बात कह रही है। इधर डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने से संध्या के परिजन परेशान है। चर्चा है कि पुलिस की शह पर महिला अब एक नया ठिकाना बनाकर फिर से अपना गोरखधंधा शुरू कर दिया है। मृतका के पिता ने पुलिस की कार्यशैली देख सीएम पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाई है।
बघौचघाट थाना क्षेत्र के पांडेयपुर मुंडेरा निवासी संध्या पटेल को जनवरी माह में प्रसव वेदना शुरू हुई तो परिजन एक आशा के बहकावे में आकर पथरदेवा के आस्था अस्पताल में भर्ती करा दिए। जहां अस्पताल की महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद उसके बच्चेदानी के साथ उसके यूरीन नली को सील दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में सीएमओ ने अस्पताल का जांच कराया तो उसके पास सिर्फ ओपीडी का लाइसेंस था और वहा फर्जी ऑपरेशन के साथ अल्ट्रासाउंड और लैब चल रहा था।
इस मामले में अस्पताल के लाइसेंस को निरस्त करते हुए संचालक प्रेम नारायण सिंह के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज दर्ज करा दिया। वहीं संध्या के ससुर रामसागर पटेल को तहरीर पर उसी मुकदमे धारा बढ़ाकर पांच लोगों के विरुद्ध धारा 304 दर्ज कर लिया गया। इस प्रकरण में तरकुलवा पुलिस ने अस्पताल संचालक को पथरदेवा कस्बे से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस महिला डॉक्टर माया सिंह और अन्य आरोपियों अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
संध्या के ससुर रामसागर पटेल ने कहा कि पुलिस क्या कर रही है कुछ समझ में नहीं आ रहा। अब तक महिला की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई यह मेरे समझ में नहीं आ रहा है।
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कोट
महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है। वह पुलिस से बच रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-संजय कुमार रेड्डी, सीओ सीटी