सऊदी अरब से युवक की लाश पहुंचते ही घरवालों में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में युवक को गांव के कब्रिस्तान में मिट्टी दी गई। युवक घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। इसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है।
लार थाना क्षेत्र के बरडीहा परशुराम गांव निवासी शेर मोहम्मद के बेटे अब्दुल घर की माली हालत सुधारने के लिए सऊदी अरब के एक कंपनी में नौकरी करने गया था। नौ दिसंबर वर्ष 2015 को वहा एक हादसे में उसकी मौत हो गई।
इस हादसे में भलुअनी और सदर कोतवाली के बढ़या बुजुर्ग गांव के दो युवकों की भी मौत हुई थी। तभी से घरवालों की आंखें लाश के इंतजार में पथरा रही थीं।
इसके लिए पीड़ित परिवार के लोग डीएम को शिकायती पत्र देकर अविलंब लाश को मंगाने की मांग भी की थी। 37 दिन बाद युवक की लाश घर पहुंची तो महिलाओं में चीख पुकार मच गई और गांववालों की भीड़ जुट गई।
महिला की चीत्कार को देखकर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पति की लाश देखकर पत्नी रेश्मा बदहवाश हो गईं। वहीं, मासूम भाई, बहन के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया।