देवरिया। सीमावर्ती बिहार प्रांत के गोपालगंज इलाके में विधानसभा चुनाव के मतदान से एक दिन पहले मतदाताओं की आवभगत बढ़ी तो उन्होंने देवरिया जिले का रुख कर लिया। अंतिम दिन शराब के शौकीनों की तलब पूरी करने की कोशिश शुरू हो गई।
सीमावर्ती इलाके में कई जगह बाइक पर झोला लटकाकर जरूरी सामान के साथ शराब की बोतलें उस पार पहुंचाई गईं। इसके अलावा बॉर्डर इलाके के आसपास की परचून की दुकानों से भी अवैध रूप से शराब बिकी। वहीं चिकन की दुकानों पर भी बिहार के लोगों की भीड़ दिखी। खरीदारी का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
बिहार के चुनाव ने पड़ोसी जिला देवरिया में भी हलचल बढ़ा रखी है। बघौचघाट से लेकर लार तक गोपालगंज और देवरिया के गांव आसपास ही हैं। दोनों तरफ के लोग एक दूसरे के बाजार में अपनी पकड़ रखते हैं। चुनाव में इसी पकड़ का फायदा उठाते हुए बिहार के लोग यूपी में आ गए। यहां के बाजार में दावत खाने के बाद लोग वापस अपने इलाके में आते-जाते रहे।
खुली सीमा का लाभ उठाने में शराब तस्कर भी पीछे नहीं रहे। मंगलवार रात पकहा पुल के पास बिहार पुलिस ने दो बाइकों को रोका। तलाशी के दौरान दोनों में पांच पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। बाइक सवार पुलिस को देखते ही शराब समेत बाइक छोड़कर भाग निकले। बिहार पुलिस ने दोनों बाइकों को जब्त कर खंभे से बांध दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई शराब यूपी के किसी शराब ठेके से लाई गई थी।
सीमा पार तस्करी रोकने के लिए यूपी आबकारी विभाग की टीमें भी तैनात थीं, मगर यह दोनों बाइकें उनकी पकड़ में नहीं आ सकीं। इससे यूपी टीम की निगरानी पर भी सवाल उठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद चुनावी माहौल में शराब की बड़ी खेप चोरी-छिपे पहुंचाई गई है।
बिहार पुलिस ने चुनाव के दौरान शराब की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया। इसका असर यह रहा कि लोग बड़ी संख्या में देवरिया के विभिन्न कस्बे में पहुंचे।श