तीनों केंद्रों पर एकत्रित होगा शहर का कूड़ा, फिर भेजा जाएगा एफआरएफ सेंटर
शहर में जगह-जगह कूड़ा डंपिंग केंद्र होंगे बंद, प्रदूषण से मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में अब जगह-जगह फैले कूड़े के ढेर से निजात मिलेगी। नगर पालिका परिषद इसके लिए 75 लाख रुपये की लागत से तीन कूड़ा ट्रांसफर केंद्र बनाने जा रही है। इन केंद्रों पर कूड़े रखे जाएंगे। बाद में इस बंद गाड़ियों में प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे शहर में प्रदूषण में कमी आएगी।
39 लाख रुपये की लागत आईटीआई के पास शहर का सबसे बड़ा कूड़ा ट्रांसफर केंद्र बनकर तैयार है, मगर चालू नहीं हो पाया है। दूसरा केंद्र गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे बनाने की तैयारी है। इसके लिए नगर पालिका ने एनएचआई से एनओसी भी ले ली है। निर्माण पर 18 लाख रुपये खर्च होंगे। तीसरा कूड़ा ट्रांसफर सेंटर परशुराम चौक के पास नगर पालिका अपनी जमीन पर बनवाएगी। यह केंद्र शेडयुक्त और पूरी तरह बंद होंगे। यह इतने बड़े होंगे कि इसमें कूड़ा गाड़ी, ट्रक और जेसीबी तक अंदर चली जाएगी। इन केंद्रों के चलते कूड़े हवा के साथ नहीं बिखरेंगे। साथ ही, छुट्टा पशु भी इस कूड़े तक नहीं पहुंचेंगे।
शहर में प्रतिदिन 68 टन कूड़ा निकलता है। 33 वार्डों में कूड़ा 34 कलेक्शन गाड़ियां घूमती हैं। घरों से कूड़ा लेकर सफाईकर्मी यह इसे शहर में जगह-जगह सड़क के किनारे बनाए गए कूड़ा डंपिंंग स्पाट पर गिराते हैं। यह केंद्र शहर के आवासीय इलाकों में और खुले में है। इन खुली जगहों पर गिरे कूड़े पर छुट्टा पशु मंडराते हैं।
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तीन एमआरएफ सेंटरों पर होगी छंटाई
कूड़े की छंटाई तीन एमआरएफ सेंटरों पर होगी। यहां गीले व सूखे कचरे को अलग किया जाएगा। अभी शहर के भुजौली काॅलोनी में एक एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार है। इसके अलावा 40 लाख रुपये की लागत से दो एमआरएफ सेंटर और बनाए जाने हैं। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें से एक एमआरएफ सेंटर पिड़रा में नहर किनारे तैयार किया जाएगा। दूसरा एमआरएफ सेंटर भुजौली में बने पुराने एमआरएफ सेंटर के पास बनाया जाएगा।
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कूड़े के निस्तारण के साथ बढ़ेगी नगर पालिका की आय
नगर से निकलने वाले कूड़ा के निस्तारण के साथ साथ नगरपालिका की आय भी बढ़ेगी। नगरपालिका प्रशासन इसको बेचकर कमाई करेगा। इसकी शुरुआत भुजौली में बने एमआरएफ सेंटर से हो चुकी है। यहां कार्यरत एक एमआरएफ केंद्र पर प्रतिदिन कूड़े की प्रोसेसिंग कर छंटाई होती है। प्रत्येक 15 दिन पर यह कूड़ा बेच दिया जाता है। नगरपालिका अभी हर महीने इससे 40 हजार रुपये कमा रही है। साथ ही शहर भी प्रदूषण मुक्त हो रहा है।
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नगरपालिका कर रही लोगों को जागरुक
सूखा और गीला कचरा अलग अलग रखने के लिए नगरपालिका लोगों को जागरुक कर रही है। इसके लिए कचरा कलेक्शन गाड़ियों पर लगे लाउडस्पीकर से रोज सुबह अनाउंस किया जाता है। नगरपालिका लोगों से घर में सूखे कचरे और गीले कचरे के लिए अलग अलग डब्बे रखने के लिए कहती है। कचरा कलेक्शन गाड़ियों में भी इसके लिए अलग अलग चैंबर बने हैं।
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कोट
शहर में तीन कूड़ा ट्रांसफर केंद्र बनाए गए हैं। यहां शहर का कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इससे कूड़ा डंपिंग स्पाट समाप्त हो जाएंगे। लोगों को सुविधा होगी। यह कूड़ा एमआरएफ सेंटर पर भेजा जाएगा। जहां इसकी छंटाई और प्रोसेस कर खुले बाजार में बेच दिया जाएगा।
संजय तिवारी, अधिशासी अधिकारी