संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। लहछुआं गांव में नवरात्र के अवसर पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई है। मां की पूजा-अर्चना को लेकर लोगों में उत्साह था।
सोमवार सुबह मां के जयकारे लगाते हुए लोग नर्वदेश्वर घाट पहुंचे पर कुछ ही पलों में सारी खुशी मातम में बदल गई। गांव के तीन बच्चों के एक साथ नदी में डूबने से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि दशहरा पर्व पर प्रत्येक वर्ष लहछुआं में मूर्ति स्थापना में विवेक, रणजीत, चंद्रशेखर बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे। इस बार की तैयारी में भी तीनों साथी जुटे हुए थे। इन्हें क्या पता था कि इस बार पर्व पर मां भक्तों के साथ कुछ और ही होने वाला है।
बताया जा रहा है कि पंडाल में कलश स्थापना के लिए सभी साथी ई-रिक्शा से जल भरने के लिए गौरा गये हुए थे। लोगों का कहना है कि बाढ़ के पानी से कुछ सीढि़यां डूबी हुई हैं, जिनमें अधिक फिसलन है। कलश में जल भरने के दौरान पैर फिसल जाने से रणजीत, विवेक, चंद्रशेखर, गांगुली अनियंत्रित होकर नदी में गिर गए। गहरे पानी में चले जाने के कारण सभी डूबने लगे।
तीन साथियों के नदी में लापता होने की जानकारी होने पर उनकी मां दुर्गावती देवी, होसिला देवी, सुधि देवी दहाड़ें मार रही थीं। घटना को लेकर लोग हतप्रभ थे। वहीं गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं प्रशासन पीएसी के जवानों के साथ नदी में मोटरबोट के जरिये तीनों साथियों की तलाश करा रहा था। ा