संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। हत्या जैसे गंभीर अपराध में रुद्रपुर प्रभारी निरीक्षक की लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए रुद्रपुर के पैरोकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र मौर्य ने रुद्रपुर कोतवाली के पैरोकार से कोतवाल को उपस्थित होने का आदेश दिया, मगर न्यायालय के चलने तक वह उपस्थित नहीं हुए तो प्रभारी निरीक्षक रुद्रपुर को जीडी के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया है।
रुद्रपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर के भुतहा टोला में वर्ष 2012 में हुई हत्या के मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र मौर्य की अदालत में चल रही है।
मामले के आरोपी राजाराम के न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण अदालत ने प्रभारी निरीक्षक रुद्रपुर को राजाराम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश 27 मार्च को दिया था।
प्रभारी निरीक्षक ने राजाराम की गिरफ्तारी न करके न्यायालय में यह रिपोर्ट प्रेषित कर दी कि वारंटी फरार है। उसकी तलाश करने के बाद भी मिल नहीं रहा है।
प्रभारी निरीक्षक रुद्रपुर द्वारा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए न्यायालय में जीडी के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया कि वारंट के निष्पादन में उन्होंने कहां-कहां दबिश दी है।
आदेश जारी होते ही रुद्रपुर प्रभारी निरीक्षक ने आरोपी राजाराम को शुक्रवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
आरोपी ने बताया कि वह 70 वर्ष का है। घर पर ही रहता है। कहीं गया नहीं था। पुलिस आई थी तो मैं हट गया था।
इतना सुनते ही अदालत ने रुद्रपुर प्रभारी निरीक्षक की कार्यशैली को न्यायिक कार्यों में अवरोध बताते हुए उन्हें जीडी के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि अदालत के सख्त रूख को देखकर पैरोकार सकते में आ गया। हाथ-पांव कांपने लगे।