देवरिया। यौन शोषण का आरोपी बचाव के लिए हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल की है।
उसने खुद को राजनीतिक द्वेष में फंसाने की बात कह बेगुनाह बताया। सोमवार को पुलिस ने जब अपना पक्ष रखा तो न्यायाधीश ने 14 अप्रैल को सुनवाई करने की बात कही।
हालांकि, एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम घोषित करने के बाद विवेचक की मांग पर न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
बावजूद आरोपी अभी तक पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ सका।
उधर, पीड़ित परिवार आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से सहमा हुआ है।
कोतवाली क्षेत्र के रहने वाला जिला पंचायत सदस्य का पति एक माह पहले रिश्ते की बहन को टॉफी में नशीली दवा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के पिता के तहरीर पर पुलिस ने पाॅक्सो एक्ट और दुष्कर्म का केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। शुरू से ही इस मामले में पुलिस टाल-मटोल करती रही। घटना के छह मार्च को हुई, लेकिन 26 मार्च को केस दर्ज किया गया।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस इस घटना को लेकर कितनी सक्रिय है।
आलम यह है कि केस दर्ज होने के 14वें दिन भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। कारण सफेदपोशों का संरक्षण बताया जा रहा है, जबकि इस मामले की मानीटरिंग एसपी विक्रांत वीर खुद कर रहे हैं।
एसओजी समेत कई टीम गठित के साथ उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम और गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। फिर भी उसका लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
सूत्रों की मानें तो जब आरोपी की पत्नी कोतवाली में बैठी थी तो आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को तैयार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी पत्नी को छोड़ दिया, लेकिन उसने पुलिस को चकमा देते हुए आज तक न तो आत्मसमर्पण किया और न ही पुलिस गिरफ्तार उसे गिरफ्तार कर सकी।