बरहज। दो दिन बाद शनिवार की शाम करीब 4:30 बजे मेहियवां गांव के पास सरयू नदी में एक किशोर का शव उतराया मिला। शव की पहचान जयनगर निवासी अर्पित (15) पुत्र पवन के रूप में हुई। जबकि अमन का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके बाद अर्पित के परिवार में कोहराम मच गया।
बता दें कि बृहस्पतिवार को जयनगर निवासी अर्पित, अमन (11) पुत्र स्व.बबलू, सुधीर उर्फ मखड़ू (15) पुत्र सोमनाथ, युवराज (14) पुत्र अवधेश, अनूप (14) पुत्र अनिल, सत्यम (12) पुत्र मोहन, जिगर (12) पुत्र रिंकू गौरा स्थित निर्माणाधीन मोहन सेतु के पास सरयू में स्नान करने गए थे। इस दौरान अर्पित, अमन और सुधीर उर्फ मखड़ू का पैर फिसल जाने के कारण डूबने लगे थे। सुधीर उर्फ मखड़ू को बचा लिया गया था, मगर अर्पित और अमन नदी में लापता हो गए।
अर्पित का शव मिलने पर मां इंद्रासनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। दिल्ली से आए पिता पवन भी बेटे को खोने में गम में बदहवाश है। बहन आंचल और भाई आदित्य के आंखों से आंसू रुक नहीं रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम ने सुबह नदी में रेस्क्यू शुरू कर दिया था।
अर्पित का शव मिलने पर एसडीएम हरिशंकर लाल, तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार रवींद्र मौर्य, सीओ राजेश कुमार चतुर्वेदी, थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय, शिवकुमार आदि मौके पर पहुंच गए।
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अंडरवियर से हुई अर्पित की पहचान
अर्पित के शव पर फफोले पड़ गए थे। इससे शव की पहचान नहीं हो पा रही थी। करीब एक घंटे बाद एक साथी अंडरवियर से शव की पहचान अर्पित के रूप में की। थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि अंडरवियर से शव की पहचान अर्पित राजभर के रूप में हुई है।
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लापता किशोर का आठ दिन बाद भी नहीं लगा सुराग
बरहज। गौरा-कटइलवा मुक्ति पथ पर आठ दिन पहले दाह-संस्कार में आए सुरौली थाना क्षेत्र के बढ़या बुजुर्ग गांव निवासी अंश चौहान स्नान करते हुए सरयू नदी में लापता हो गया था। उसका अब तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, उसे किसी ने नदी में नहाते हुए नहीं देखा था। घाट पर मिले कपड़े और चप्पल से परिजन नदी में डूबने की आशंका जता रहे हैं।
सुरौली थाना क्षेत्र के बढ़या बुजुर्ग गांव निवासी रमाकांत चौहान की मां का करीब आठ दिन पहले निधन हो गया था। गौरा-कटइलवा स्थित मुक्ति पथ पर उनके दाह-संस्कार में 13 वर्षीय अंश चौहान भी आया था। संवाद