शिकायत मिलने के बाद एसटीएफ कर रही है मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के विभिन्न स्कूलों तैनात 20 से अधिक फर्जी शिक्षक जल्द बर्खास्त होंगे। संभावना है कि यह कार्रवाई अगले माह यानी जनवरी में हो जाएगी। शिकायत के बाद मामले की जांच कर रही एसटीएफ को इनके प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी मिली है। कइयों ने कूटरचना के माध्यम से नौकरी हासिल की। वहीं, शिकायतों के बाद हुई विभागीय जांच में भी कई ऐसे शिक्षकों पर गाज गिराने की योजना बन रही है।
दरअसल, जिले में पिछले दस सालों में बीएसए कार्यालय में तैनात रहे बाबूओं ने जमकर मनमानी की है। अगस्त 2014 से जुलाई 2016 तक तैनात रहे एक चर्चित बीएसए के कारगुजारियों की चर्चा तो विभागीय लोग चटकारें लेकर करते हैं। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में भी उनकी नियुक्तियों पर सवाल उठते रहे हैं। जब से मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। जांच टीम कई बार बीएसए कार्यालय आकर जांच के दायरे में आए शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों, पैनकार्ड व अन्य रिकार्ड ले जा चुकी है। पिछले एक साल में अब तक जिले में 15 ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त भी किया जा चुका है। टीम के लगातार आने से संबंधित शिक्षकों में खलबली मची हुई है, कई ने तो स्कूल जाना तक छोड़ दिया है।
दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहे दो शिक्षकों की सीएम से शिकायत
देवरिया। मईल क्षेत्र के ग्राम सरया निवासी एक व्यक्ति व उसकी पत्नी के खिलाफ दूसरे के प्रमाण पत्रों को कूटरचित ढंग से हासिल कर इसके आधार पर नौकरी करने की शिकायत हुई है। आरोप है कि कि दोनों ने लार रोड क्षेत्र के हरिकुंडावल निवासी दो लोगों के प्रमाण पत्रों पर विभागीय लोगों से मिलीभगत कर नौकरी हासिल की। पूर्व में दोनों बलरामपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय गैसड़ी व एक अन्य विद्यालय में तैनाती पाई। अब वहां से तबादला कराकर वर्तमान में दोनों दूसरे जनपद में कार्यरत हैं। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि जिन शिक्षकों की शिकायतें मिली हैं, उनकी विभागीय जांच कराई जा रही है। उनके प्रमाण पत्र फर्जी सिद्ध हुए तो उन्हें सेवा से सीधे बर्खास्त किया जाएगा।
अगले माह शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में देवरिया में की गई अनियमितताओं के संबंध में बड़ी कार्रवाई होगी। टीम को कई शिक्षकों के प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं।
- एसपी सिंह, प्रभारी एसटीएफ गोरखपुर