गौरी बाजार (देवरिया)। ओमान में हुए मिसाइल हमले में मारे गए सूरज का शव रविवार को 12वें दिन उसके गांव जीतपुर लाया गया।
घर की चौखट पर ताबूत रखते ही मां पुष्पा देवी बदहवास होकर दौड़ीं। बेटे का चेहरा देखते ही उनके मुंह से चीख निकल गई। वह शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं और कुछ ही पल में बेहोश होकर गिर पड़ीं। पिता ओमप्रकाश यादव भी बेटे को देखते ही जमीन पर गिर पड़े। मां-पिता की यह हालत देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और पूरा जवार शोक में डूब गया।
सूरज का शव रविवार को हमले के 12वें दिन बाद ओमान से दिल्ली लाया गया था। दोपहर करीब 3:20 बजे शव लेकर लोग गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां करीब चार बजे उसे परिजनों को सौंप दिया गया। एंबुलेंस से शव करमा जीतपुर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग उमड़ पड़े। देखते ही देखते घर के सामने भीड़ बढ़ गई। जगह कम होने के कारण कुछ देर धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
सूरज के चाचा अवधेश भी सदमे में मूर्छित हो गए। थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय और पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को संभाला। इस दौरान लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते रहे।
गांव से सूरज की शव यात्रा भटौली बुजुर्ग, खरोह चौराहा और गोरखपुर मुख्य मार्ग होते हुए मझना नाला स्थित श्मशान घाट पहुंची। देर शाम पिता ओमप्रकाश ने कांपते हाथों से बेटे को मुखाग्नि दी। बचपन के मित्र मुलायम यादव, विकास, पिंटू, राहुल और प्रदीप यादव समेत सैकड़ों युवा शव यात्रा में शामिल रहे। बता दें कि सूरज 19 अगस्त को मुंबई से ओमान गया था। 23 सितंबर को एमबी केव दाओ नामक वाणिज्यिक जहाज से भारत लौटते समय ओमान के पूर्वी तट के पास मिसाइल हमला हुआ था।
सूरज समेत अन्य भारतीय समुद्र में कूद गए थे। जहाज का मलबा सिर पर लगने से सूरज की मौत हो गई थी। ताबूत खोलने पर शव सुरक्षित था लेकिन सिर के हिस्से में गंभीर चोट के निशान दिखाई दिए।