देवरिया। ठंड के बीच बृहस्पतिवार सुबह निकली धूप ने लोगों को गलन से कुछ घंटों की राहत दी, लेकिन 12 बजते ही धूप के गायब होने और बादल छाने के बाद फिर लोग ठिठुरने लगे। बृहस्पतिवार को जिले के न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई।
वहीं अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री और 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम होते ही गलन बढ़ गई। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने कहा है कि शनिवार तक कोहरा छाए रहने की संभावना है। शुक्रवार से दिनभर धूप निकलेगा। बदली नहीं रहेगी। शनिवार से पुरवा हवा चलने से गलन कम होने की उम्मीद है।
गलन भरी ठंड से जनजीवन प्रभावित
भाटपार रानी प्रतिनिधि के अनुसार भाटपार नगर व क्षेत्र में गलन भरी ठंड से जन जीवन प्रभावित हो चला है। ठंड के प्रकोप से एक तरफ बाजार में ग्राहकों की कमी महसूस की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ ठंड से लोग ज्यादा समय घरों में दुबके रहकर ही व्यतीत कर रहे हैं।
रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी ठंड का गहरा असर पड़ा है। लोग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। नगर व क्षेत्र के चौराहों पर प्रशासन द्वारा कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों की और दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों रेलवे स्टेशन, डाकघर, टैक्सी स्टैंड, बैंकों सहित अनेक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। लार रोड प्रतिनिधि के अनुसार बढ़ती ठंड में बेहतर इंतजाम न होने से गो आश्रय स्थल के पशुओं को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। क्षेत्र के कुंडौली में गो आश्रय स्थल का निर्माण कुछ वर्षों पूर्व हुआ था।
जहां निराश्रित गोवंश को रखा जाता है। जिम्मेदारों द्वारा दावा किया जाता है कि गो आश्रय स्थलों में बेजुबानों के लिए बेहतर व्यवस्था है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गोआश्रय स्थल पर पशुओं के लिए ना तो पर्याप्त काऊ कोट है और न ही अन्य इंतजाम। पशुओं के नाद में पानी के लिए लगाए गए टोटी खराब है, वहीं नाद भी क्षतिग्रस्त है। इस बाबत जेई पारस दुबे ने बताया कि काऊ कोट की व्यवस्था की गई थी। नाद क्षतिग्रस्त है तो जल्द ही बनवा दिया जाएगा।