देवरिया। कच्ची छत के नीचे गुजर-बसर करने वाले परिवारों के लिए पक्का मकान सिर्फ आशियाना नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का आधार भी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी ने जिले के हजारों परिवारों के इस सपने को पूरा किया है। घर मिलने से महिलाओं को असुरक्षित छत की चिंता से राहत मिली है और उनके जीवन में स्थायित्व आया है। योजना के तहत जिले में स्वीकृत 24,380 आवासों में से 23,587 का निर्माण पूरा हो चुका है यानी 97.53 प्रतिशत आवास बनकर तैयार हैं।
योजना के प्रथम चरण में जिले की दो नगर पालिकाओं और 15 नगर निकायों में आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें गौरा बरहज में सर्वाधिक 5,573 आवास पूरे हुए हैं। देवरिया नगर में 3,890, रुद्रपुर में 2,686, मझौलीराज में 2,476 और लार में 2,227 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। गौरी बाजार में 1,561 और बरियारपुर में 1,312 परिवारों को पक्का घर मिल चुका है।
अन्य नगर निकायों में भी आवास निर्माण की स्थिति बेहतर रही है। रामपुर कारखाना में 689, सलेमपुर में 667, भाटपाररानी में 611, भटनी बाजार में 507 और बैतालपुर में 267 आवास पूरे हो चुके हैं। मदनपुर में स्वीकृत 284 में से 263 और हेतिमपुर में 141 में से 138 आवास बन चुके हैं। पथरदेवा में सभी 344 स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा हो गया है। यहां निर्माण की प्रगति 100 प्रतिशत है। इन आवासों में 513 महिला लाभार्थी भी शामिल हैं।
शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ले की चंदा देवी भी योजना के जरिये पक्के मकान का सपना पूरा होने से खुश हैं। उन्होंने बताया कि बरसों से पक्के घर की उम्मीद थी, जो अब पूरी हो गई है। उनके मुताबिक, पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि परिवार को सुरक्षित माहौल और स्थायित्व देने का माध्यम है। इससे महिलाओं को रोजमर्रा की कई परेशानियों से राहत मिलती है।
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कोट
पीएम आवास योजना के प्रथम चरण के 97 प्रतिशत आवास पूरे हो गए हैं। इन आवासों से महिलाओं के जीवन स्तर में काफी सुधार आया है। पीएम आवास के बचे आवास पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- नम्रता सिंह, एएसडीएम व परियोजना अधिकारी, डूडा
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स्पीकअप
पीएम आवास से सपनों का घर सज गया। पहले बरसात और आग लगने पर परिवार की सुरक्षा का भय बना रहता था। पीएम आवास बनने के बाद जिंदगी बदल गई। अब घर में हमेशा कुछ न कुछ नया सजाने के लिए ही कार्य होता है।
- महिला कलावती देवी, मलहटोली वार्ड, रुद्रपुर
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कच्चे घर में रहने से समाज और रिश्तेदार सहज नहीं थे। पक्का मकान बना तो समाज का नजरिया ही बदल गया। अब बरसात का डर नहीं सताता है। पक्का घर की खुशी कोई हमसे पूछे। अब घूमंतू जानवरों का डर भी नहीं रहा।
- राजकुमारी, पीएम आवास लाभार्थी, मलहटोली वार्ड, रुद्रपुर
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